हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक मोहम्मद ईल्यास बोले बाबर का साथ नहीं दिया, विभाजन हुआ हम पाकिस्तान नहीं गए, अब हमारा सब्र का बांध टूट रहा है। उन्होंने कहा बाबर की जगह राणा सांगा का साथ दिया, 1947 में बापू के कहने पर मेवातियों ने मुस्लिमों का काफिला रोका था।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक मोहम्मद ईल्यास अपना मुस्लिम समुदाय का दर्द बयां करते हुए इतना भावुक हो गए कि उन्होंने इसी भावुकता में सरकार को चेतावनी भी दे डाली। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एक साल में सात मुस्लिमों की हत्या हो चुकी है। राजस्थान के दो भाइयों की हत्या में शामिल मुख्य दोषी फरार हैं। उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने भारत में रह रहे मुस्लिम समुदाय विशेषकर मेवात क्षेत्र वासियों को राष्ट्रभक्त बताया।
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बोले-पहले देश के लिए मरे, राज्य के लिए मरे
उन्होंने कहा कि जब विदेशी आक्रांता बाबर ने हिंदुस्तान पर हमला किया और उसकी जंग राणा सांगा से हुई तो मेवात क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय ने बाबर का नहीं, बल्कि हम वतन राणा सांगा का साथ दिया था। बाबर ने इस युद्ध से पहले मेवातियों से सहयोग मांगा था, अपने मुस्लिम होने की दुहाई दी थी। मगर मेवात के मुस्लिम राणा सांगा के साथ खड़े हुए थे। देश विभाजन हुआ, 1947 में पाकिस्तान बना। दोनों ओर से काफिले आ जा रहे थे, लेकिन तब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी मेवात पहुंचे थे। उन्होंने मेवात के मुस्लिमों का काफिला रुकवाया था, उन्हें इस देश की रीढ़ की हड्ड़ी बताया था।
बोले-अब स्पीकर साहब मेहरबानी करो
मोहम्मद ईल्यास ने कहा कि सभापति महोदय, आज हमारे साथ यह क्या हो रहा है। हमारे एक साल में यहां सात नौजवानों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। पिछले दिनों मुस्लिम समुदाय के दो युवकों को राजस्थान से उठा कर हरियाणा लाया गया और भिवानी में इन्हें जिंदा जला कर मार डाला गया। अब स्पीकर साहब मेहरबानी करके राजस्थान के दो भाइयों के हत्यारों को गिरफ्तार करो।
जिस दिन हम अपनी हिफाजत के लिए मरने के लिए आ गए तो क्या होगा स्पीकर साहब
मोहम्मद ईल्यास यहीं नहीं रुके और बोले कि कुछ तत्वों का गाय का तो बहाना है, असली काम तो वोट लेना इनका निशाना है। उन्होंने कहा कि पहले हम देश के लिए मरे और प्रदेश के लिए मरे, लेकिन अब उनकी सुरक्षा की बात आ रही है, उनके सब्र का बांध टूट रहा है। जिस दिन हम अपनी हिफाजत के लिए मरने के लिए आ गए तो क्या होगा स्पीकर साहब ?