हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा का बचाव करने के साथ मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि एसडीएम के शब्दों का चयन ठीक नहीं, उन्हें ऐसे शब्द नहीं चुनने चाहिए थे। मंत्रिमंडल विस्तार उचित समय पर होगा, इससे सरकार के कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ रहा। सीएम ने सोमवार को सरकार के 2500 दिन पूरा होने पर दोनों मामलों पर खुलकर अपनी बात रखी।
सरकार में गठबंधन सहयोगी व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जहां अपने विधायकों के बढ़ते दबाव के बीच मंत्रिमंडल विस्तार के लिए दिल्ली के चक्कर पर चक्कर काट रहे हैं और एसडीएम करनाल पर कार्रवाई की बात कह चुके। वहीं, मुख्यमंत्री का दोनों मामलों पर अलग रुख है।
मुख्यमंत्री ने करनाल घटना के दौरान वायरल हुए आईएएस अधिकारी के ऑडियो और वीडियो पर कहा कि इसकी जांच पुलिस महानिदेशक कर रहे हैं। वायरल ऑडियो और वीडियो अलग जगह का है और जो घटना हुई वह अलग स्थान पर हुई। इसलिए दोनों घटनाओं को आपस में नहीं जोड़ना चाहिए। करनाल एसडीएम के पद पर तैनात अधिकारी गलत शब्दों का चयन कर गए, हालांकि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के दायित्व को निभाया।
डीजीपी व प्रशासन अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, रिपोर्ट के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों की परफार्मेंस दो साल के कामकाज के आधार पर नहीं आंकी जा सकती। पांच साल का लेखाजोखा लिया जाता है। सबका काम एक सा नहीं हो सकता। सबके अलग-अलग विभाग हैं, सभी मंत्री अपनी योग्यता अनुसार काम कर रहे हैं।
मंत्रिमंडल में अभी 12 मंत्री हैं, विस्तार के बाद 14 हो जाएंगे, जिससे कोई बड़ा अंतर काम में नहीं आने वाले। यह पार्टी नेतृत्व के अधिकार क्षेत्र में है कि कब विस्तार करना है, जब उचित समय आएगा, यह हो जाएगा। गठबंधन अभी सही काम कर रहा है। तीन साल बाद की परिस्थितियां क्या बनेंगी, कह नहीं सकते। हम चाहते हैं कि ठीक ही रहें। ताऊ देवी लाल के समय से हम गठबंधन सरकार चलाते आ रहे हैं।