तीन टोल एक नवंबर व तीन एक दिसंबर तक होंगे बंद
मुख्यमंत्री ने स्टेट हाईवे पर स्थित छह टोल प्लाजा को बंद करने की घोषणा की। इन टोल प्लाजा के बंद होने से जनता को सालाना 13.50 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह फैसला इन टोल प्लाजा के आसपास के इलाकों में रहने वालों की मांग पर लिया गया है। इन टोल प्लाजा का संचालन पीडब्ल्यूडी विभाग कर रहा था।
स्टेट हाईवे-17 पर राजस्थान बॉर्डर के पास गांव बशीरपुर (नारनौल-निजामपुर रोड), स्टेट हाईवे-11 पर पंजाब सीमा के नजदीक गांव तातियाना (कैथल-पटियाला रोड), स्टेट हाईवे-22 पर गांव गुज्जरवास (सुबाना-कोसली-नाहर-कनीना रोड) पर स्थित टोल प्लाजा एक नवंबर से बंद हो जाएगा।
स्टेट हाईवे-8 पर पंजाब सीमा के नजदीक गांव संगतपुरा (कैथल-खनौरी रोड) पर स्थित टोल प्लाजा 10 नवंबर को बंद होगा। स्टेट हाईवे-4 पर हिमाचल प्रदेश सीमा के नजदीक काला अंब-सढ़ारा-शाहाबाद रोड पर गांव अशगरपुर के नजदीक और स्टेट हाईवे-18 पर दिल्ली बॉर्डर के पास रोहतक-खरखौदा-दिल्ली रोड पर गांव फिरोजपुर के नजदीक स्थित टोल प्लाजा का संचालन एक दिसंबर से बंद होगा।
सबसे ज्यादा यमुनानगर जिले की 66 कॉलोनियां हुईं नियमित
मुख्यमंत्री ने शहरी निकाय विभाग और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की सीमा में बनी 190 अवैध कॉलोनियों को पक्का करने का एलान किया। इसमें शहरी निकाय विभाग की 90 कॉलोनियां शामिल हैं। सबसे ज्यादा यमुनानगर की 25, फरीदाबाद की 17, पलवल की 15 और झज्जर की 12 कॉलोनियां शामिल हैं।
सौ कॉलोनियां टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की हैं। इसमें अंबाला के मुलाना की 11, कुरुक्षेत्र के रादौर की 6, सढौरा की 27, जगाधरी की 13, यमुनानगर की एक, सिरसा में मंडी डबवाली की एक, रानिया की एक, ऐलनाबाद की तीन, सिरसा की तीन, कलांवाली की दो, भिवानी के लोहारू की दो और भवानी खेड़ा की एक कॉलोनी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कालोनियों के विकास पर तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के दायरे की कॉलोनियों का विकास एचएसवीपी करेगा।
75 साल से ऊपर 3810 वृक्षों को दी 2750 रुपये पेंशन
मुख्यमंत्री ने प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से अधिक उम्र के 3,810 वृक्षों को पेंशन देने की विधिवत शुरुआत की। गुरुवार को ही वृक्षों की देखभाल करने वाले लोगों, विभाग व संगठनों के खाते में 2750 रुपये पेंशन डाल दी गई। हरियाणा ऐसी योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। इनमें रेवाड़ी में 680, यमुनानगर में 526, फतेहाबाद में 335, सिरसा में 287 और हिसार में 249 वृक्ष शामिल हैं। वन भूमि पर खड़े वृक्षों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।