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हरियाणा: सीएम मनोहर लाल ने कहा- करनाल हिंसा के पीछे पंजाब सरकार के लोगों का हाथ

Mon, 30 Aug 2021 01:40 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीएम ने करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के बारे में कहा कि करनाल एसडीएम के शब्दों का चयन ठीक नहीं था। जो शब्द एसडीएम ने चुने, वह नहीं बोलने चाहिए थे। कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका दायित्व था।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करनाल लाठीचार्ज के बाद हरियाणा और पंजाब में ठन गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को किसान आंदोलन के लिए सीधे पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में सरकार के 2500 दिन पूरा होने पर मीट द प्रेस कार्यक्रम में कहा कि किसान आंदोलन के पीछे पंजाब सरकार के लोगों का हाथ है। किसान नेता बलबीर राजेवाल सीएम अमरिंदर सिंह को ऐसे ही लड्डू नहीं खिला रहे।

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मनोहर लाल ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी किसानों को बरगलाया है। नेता कृषि कानूनों पर कांग्रेस ने भ्रम फैलाया। हरियाणा में दिल्ली की सीमा पर धरना दे रहे 85 फीसदी किसान पंजाब से हैं। हरियाणा का असली किसान तो खेतों में काम कर रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री किस अधिकार से मेरा इस्तीफा मांग रहे या माफी मांगने के लिए कहते हैं? किसानों को भड़काने के लिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। कानून हाथ में लेने वाले किसान नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेरित लोग हैं।

कांग्रेस व वामपंथियों ने किसानों को गुमराह करने के साथ करनाल में अराजकता पैदा करने के लिए उकसाया। कांग्रेस सही को सही और गलत को गलत कहे। उसका भविष्य अंधकारमय है। जो हमारे लिए ठीक है। हम तो अगले पांच साल की तैयारी कर रहे हैं।
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करनाल में हिंसा भड़काने वाले नेताओं को कड़ी चेतावनी है कि अगर कोई कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेता है तो निश्चित रूप से पुलिस कानून व्यवस्था को संभालेगी। 

किसी को भी अनिश्चितकाल के लिए सड़क जाम करने का अधिकार नहीं है। विपक्ष ने मंडियां व एमएसपी खत्म होने का भ्रम फैलाया। जबकि देश में मंडी खत्म हुई न एमएसपी। जो मंडियां बंद थीं वह भी शुरू की गईं। हरियाणा में 11 फसलें एमएसपी पर खरीद रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में गेहूं व धान ही खरीदा जा रहा है।

किसानों को देश की परंपराओं में अपना विश्वास बनाए रखना चाहिए। केवल सकारात्मक बातचीत से ही किसी मुद्दे को हल किया जा सकता है। किसी भी बात पर अड़े रहने से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सकता।

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