हरियाणा में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पनपा मुख्यमंत्री मनोहर लाल और अनिल विज का विवाद समाप्त हो गया है। आलाकमान के दखल और सीएम की सराहना के बाद विज के तेवर भी नर्म पड़ गए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली में मीडिया के सामने अनिल विज की प्रशंसा की। साथ ही विज ने भी इस मामले में कोई विवाद नहीं है कहकर मामला शांत कर दिया।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद महकमा देने को लेकर विज नाराज थे। विज से गृह विभाग की फरमाइश की गई थी। जिसके बाद उनके तेवर तल्ख हो गए और वे शपथ ग्रहण समारोह में भी नहीं गए। उनकी नाराजगी के बाद आलाकमान ने मामले में दखल दिया और यह तय हुआ कि विज के खाते से शहरी स्थानीय निकाय लिया जाएगा जबकि मुख्यमंत्री सबके लिए आवास महकमा देंगे।
मंत्रियों के विभाग जारी होने के बाद विज शुक्रवार को हरियाणा सचिवालय पहुंचे और मीडिया से मुखातिब हुए। विज गुरुवार को भी सचिवालय नहीं आए थे। इस मामले में जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मीडिया ने दिल्ली में पूछा तो उन्होंने कहा कि विज साहब सीनियर आदमी हैं और हमारे अच्छे मित्र हैं। हम लोग आपस में खुलकर बात करते हैं। ऑन द रिकॉर्ड ऑफ द रिकॉर्ड की तर्ज पर जैसे हम कह देते हैं वैसे ही वह भी कोई बात मन में आए तो कह देते हैं। इसमें हमें भी कोई चिंता नहीं है, उन्हें भी कोई चिंता नहीं है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विज की तारीफ करते हुए कहा कि करोनाकाल में एक बार अस्वस्थ होने के बाद उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से विभाग को संभाला और तमाम योजनाओं को बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। ओमिक्रॉन से निपटने को लेकर सरकार की पूरी तैयारी है। एक जनवरी से कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज न लगवाने वाले लोगों पर सख्ती की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर दोनों डोज लगवाने वालों को प्रवेश मिलेगा। नई पाबंदी लगाने पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
उधर, अनिल विज ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग नए बने मंत्री कमल गुप्ता को दिए जाने पर कहा कि ये सीएम का विशेषाधिकार है। कौन मंत्री बनेगा या कौनसा विभाग मिलेगा इस पर किसी तरह की कोई नाराजगी का प्रश्न नहीं उठता।