हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी है। बागवानी फसलों के नुकसान की अब उन्हें भरपाई मिलेगी। प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने बागवानी बीमा योजना को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद बागवानी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान का लाभ मिलेगा। सीएम मनोहर लाल की मंजूरी के बाद अब इस योजना के तहत कुल 21 सब्जियों, फलों और मसाला फसलों को कवर किया जाएगा।
किसानों के लिए अच्छी खबर है। खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बागवानी फसलों में होने वाले नुकसान की अब हरियाणा में भरपाई हो सकेगी। इसके लिए सरकार ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (एमबीबीवाई) के कार्यान्वयन को स्वीकृति प्रदान की है। सीएम मनोहर लाल की मंजूरी के बाद अब इस योजना के तहत कुल 21 सब्जियों, फलों और मसाला फसलों को कवर किया जाएगा। इस योजना को बागवानी फसल आश्वासन योजना के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को ज्यादा जोखिम वाली बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। यह योजना व्यक्तिगत क्षेत्र पर लागू की जाएगी अर्थात फसल हानि का आकलन व्यक्तिगत क्षेत्र स्तर पर किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए बजट का भी प्रावधान किया जाएगा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत राज्य और जिला स्तरीय समितियां राज्य एवं जिला स्तर पर निगरानी, समीक्षा और विवादों का समाधान करेंगी।
एमएफएमबी पोर्टल पर चुनना होगा विकल्प
विभाग के प्रवक्ता ने योजना को मंजूरी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसानों को सब्जी एवं मसाला फसलों की 30 हजार रुपये और फल फसलों की 40 हजार रुपये की बीमा राशि के विरुद्ध केवल 2.5 प्रतिशत यानी क्रमश: 750 और 1000 रुपये ही अदा करने होंगे। मुआवजे के लिए सर्वेक्षण और नुकसान की चार श्रेणियां 25, 50, 75 और 100 प्रतिशत होंगी। यह योजना वैकल्पिक तौर पर पूरे राज्य में लागू होगी। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी) पोर्टल पर फसल और क्षेत्र का पंजीकरण करते समय इस योजना का विकल्प चुनना होगा। मौसमवार फसल पंजीकरण की अवधि समय-समय पर निर्धारित एवं अधिसूचित की जाएगी।