छात्रा इशिता के घर पहुंचे सीएम मनोहर लाल।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुरुवार को मनीमाजरा के शिवालिक एनक्लेव स्थित छात्रा इशिता के घर पहुंचे और हाल पूछा। साथ ही हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इशिता कामर्ल कॉन्वेंट में पढ़ती हैं। बीते आठ जुलाई को स्कूल में हेरिटेज पेड़ गिरने से वह घायल हो गईं थीं और उनका एक हाथ काटना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कृत्रिम हाथ लगवाने में भी मदद की बात कही। मनोहर लाल करीब 20 मिनट तक इशिता के घर रुके और उनका हौसला बढ़ाया।
इशिता के पिता अमन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सरकारी राहत कोष से मदद का आश्वासन दिया। बता दें कि हादसे के बाद से कोई भी भाजपा नेता उनके परिवार से मिलने नहीं पहुंचा था। इसे लेकर परिवार में खासी नाराजगी थी। सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 250 साल पुराना हेरिटेज पेड़ गिरने के गुरुवार को पूरे दो महीने हो गए लेकिन अब तक प्रशासन यह नहीं तय कर पाया है कि किसकी लापरवाही से इशिता को हाथ गंवाना पड़ा और 16 वर्षीय हीराक्षी को जान। वहीं, अटेंडेंट शीला को एक महीना अस्पताल में रहना पड़ा। घायलों को बेशक प्रशासन ने मुआवजा दे दिया हो लेकिन न्याय अभी तक नहीं मिला है।
शीला के बयान पर अटकी जांच
हादसे के बाद प्रशासन के तमाम विभाग सक्रिय हो गए थे। प्रशासन ने उसी दिन न्यायिक जांच का आदेश दिया था। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया, समाज कल्याण विभाग ने चाइल्ड सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिया लेकिन समय बीतने के साथ सारे आदेश धुंधले हो चुके हैं। न्यायिक जांच कुछ ही दिन बाद बंद कर दी गई।
पुलिस की जांच भी अधूरी है। प्रशासन की तरफ से बताया जा रहा है कि जांच इसलिए पूरी नहीं हो पाई है, क्योंकि हादसे की चश्मदीद स्कूल की अटेंडेंट शीला अभी तक बयान देने की हालत में नहीं हैं। वहीं, आठ अगस्त को पीजीआई से छुट्टी के बाद उन्होंने चंडीगढ़ छोड़ दिया और रोपड़ चली गईं।