हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि व्यवस्था को ठीक करने की दिशा में यह बजट पेश किया है। पात्र व्यक्ति को मुफ्त में कोई चीज देने की बजाय उसे अपने पैरों पर खड़ा कर आत्मनिर्भर बना सरकार का लक्ष्य है। यही देश और जनहित में है। मुख्यमंत्री बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और ढांचागत सुविधाएं मिल जाएं तो वे जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। परिवार पहचान पत्र के डाटा में एक लाख 80 हजार से कम आय वर्ग में एससी के 29 प्रतिशत परिवार और बीसी के 34.5 प्रतिशत परिवार शामिल हैं। जबकि एससी की आबादी 20 प्रतिशत और बीसी की 27 प्रतिशत है।
सरकार ने सबसे पहले इन परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह बजट गरीबों को समर्पित है। गरीब व्यक्ति का उत्थान करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इस बार का बजट भी गरीब व्यक्ति से शुरू किया है। परिवार पहचान पत्र का डाटा इस्तेमाल कर सरकार नई-नई योजनाएं क्रियान्वित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की वजह से गुरु श्री तेगबहादुर जी के 400वें प्रकाश उत्सव की शुरूआत पर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका। अब समापन समारोह पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ-साथ आजादी के अमृत महोत्सव पर भी 2 वर्ष तक कार्यक्रम चलाएंगे।
हमने सार्वजनिक क्षेत्र में सुधार किए हैं। सात साल पहले बिजली कंपनियां घाटे में चल रही थी। हमने सुधार किए और आज स्थिति ये है कि प्रदेश की चारों बिजली कंपनियां मुनाफे में हैं। इसी वजह से सरकार ने बिजली के रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की, बल्कि दो बार रेट को कम किया है। भविष्य में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के सामने प्रस्ताव रखकर बिजली क्षेत्र से जुड़े और सुधार किए जाएंगे।
जनसंपर्क व वित्त विभाग की महिला कर्मियों को बधाई
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को नमन करते हुए बधाई दी। उन्होंने विशेष तौर पर वित्त विभाग की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि 400 कर्मचारियों में से 180 महिला कर्मचारी हैं, जिन्होंने इस बजट को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी विशेष रूप से बधाई दी। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की महिला कर्मचारी बेहतर काम कर रही हैं।