हरियाणा ने केंद्र सरकार से प्रदेश के उद्योगों में सीएनजी-पीएनजी के इस्तेमाल के लिए एक साल की छूट मांगी है। सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ भी बैठक की। वैष्णव ने कहा कि ईस्टर्न, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दस नए रेलवे स्टेशन बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने यादव से कहा कि एक साल की छूट मिलने से प्रदेश भर में सीएनजी-पीएनजी का संरचनात्मक ढांचा तैयार हो सकेगा। मनोहर लाल ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर पर 10 नए रेलवे स्टेशन के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर विचार किया जाएगा।
इसके अलावा हिसार एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी सुगम बनाने का विचार है। इसके लिए दिल्ली से हिसार तक क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (रिजॉर्ट रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) रेल मार्ग विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को हरियाणा भवन पहुंच कर उनसे मुलाकात की। इस दौरान हरियाणा की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की विभिन्न प्रक्रियाओं व कार्यों को गति देने के लिए गहन विचार-विमर्श किया गया। फ्रेट कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि हरियाणा की विभिन्न रेल परियोजनाओं के कार्यों व प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से सिरे चढ़ाने के निर्णय लिए हैं। हरियाणा में डबल इंजन की सरकार है, जिसका फायदा प्रदेश को मिल रहा है और आगे भी मिलेगा। मनोहर लाल ने रेल कनेक्टिविटी को लेकर जो विषय मंत्रालय के समक्ष रखे हैं, उनका निवारण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। हरियाणा की तरक्की के लिए रेल कनेक्टिविटी के द्वार खुले रखेंगे।
ये रेल प्रोजेक्ट जल्द चढ़ेंगे सिरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतक की एलिवेटिड रेलवे लाइन के नीचे सड़क मार्ग विकसित करने के लिए रेल मंत्रालय ने स्वीकृति दी है। कैथल की एलिवेटिड रेलवे लाइन परियोजना के लिए भी डीपीआर बनाकर शीघ्र स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। पलवल-पृथला तक फ्रेट कॉरिडोर के शेष बचे लिंक के निर्माण के लिए विभाग को जल्द से जल्द जमीन अधिग्रहण करने के निर्देश दे दिए जाएंगे। इस लिंक के बनने से क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को बहुत लाभ होगा।
संयुक्त रूप से हो नजफगढ़ ड्रेन की डिसिलटिंग का काम
मुख्यमंत्री ने नजफगढ़ ड्रेन के पानी से जुड़े मुद्दे पर भी भूपेंद्र यादव से चर्चा की। मनोहर लाल ने कहा कि नजफगढ़ ड्रेन से गुरुग्राम में लगभग तीन हजार एकड़ भूखंड पर पानी फैल जाता है। इसकी निकासी के लिए नजफगढ़ ड्रेन की डिसिलटिंग का काम केंद्र, हरियाणा व दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से करें, ताकि उस पर बांध बनाया जा सके। इससे क्षेत्र के लोगों की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।