हरियाणा में नई शिक्षा नीति के तहत ड्रॉप आउट रेट करने के लिए हर बच्चे को ट्रैक कर स्कूल तक लाया जाएगा ताकि उसके सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा सके। यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लोकार्पण करने के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह बात कही। वीसी के माध्यम से शिक्षाविदों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि 2025 तक राज्य में नई शिक्षा नीति पूर्ण रूप से लागू कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, 21वीं सदी में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। इस नीति में शिक्षा एवं रोजगार के साथ विद्यार्थियों को संस्कारवान और स्वावलंबी बनाना मुख्य लक्ष्य है, ताकि विद्यार्थी दुनिया में भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में ड्रॉप आउट कम करने के लिए परिवार पहचान पत्र योजना के तहत पंजीकृत हर परिवार के सदस्यों के डाटा का विश्लेषण किया जाएगा। इससे हर बच्चे को ट्रैक किया जा सकेगा और किसी कारणवश स्कूल में न आने वाले बच्चों को दाखिला दिलाया जा सकेगा।
प्रदेश में खुलेंगे 4000 प्ले-वे स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के लिए सबसे पहले पर्याप्त आधारभूत ढांचा बहुत जरूरी है। इस दिशा में हरियाणा में न केवल पर्याप्त स्कूल-कॉलेज हैं, बल्कि विभिन्न विषयों की विशेषज्ञता से युक्त विश्वविद्यालय और विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान भी हैं। नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश में 4000 प्ले-वे स्कूल खोले जा रहे हैं। अब तक 1135 स्कूल खोले जा चुके हैं।
निजी स्कूलों की तर्ज पर 113 नए संस्कृति मॉडल स्कूल खोले हैं और 1418 विद्यालय इंग्लिश मीडियम बैग फ्री स्कूल बनाए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति का एक लक्ष्य वर्ष 2030 तक उच्चतर शिक्षा में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 50 प्रतिशत से अधिक करना है।