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Haryana News: बाढ़ से बर्बाद धान की फसल की दोबारा बिजाई पर किसानों को मिलेगा मुआवजा, CM ने किया बड़ा एलान

Wed, 13 Sep 2023 04:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि बजट में ‘दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना‘ नामक एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की थी।  आज हमने इस योजना के 563 लाभपात्रों को 21 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि उनके बैंक खातों में भेजी है।
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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाढ़ से खराब हुई धान की फसल की दोबारा रोपाई करने वाले किसानों को हरियाणा सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने ऐसे किसानों को सात हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने का फैसला किया है। जिन किसानों की 70 फीसदी से ज्यादा फसल बर्बाद हुई है, उन्हें 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा मिलेगा। यह घोषणा बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में एक प्रेसवार्ता में की। वहीं, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने चार नए पोर्टल भी लांच किए। साथ ही परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रो-एक्टिव ओबीसी प्रमाण पत्र की शुरुआत की है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि नुकसान के ब्योरे के लिए किसानों से आवेदन मांगे गए थे। उनके सत्यापन का कार्य चल रहा है। जल्द ही किसानों के खाते में मुआवजा का पैसा भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ की वजह से धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था, मगर कुछ स्थानों पर धान की दोबारा बिजाई हो सकती थी। कई किसानों ने धान की दोबारा रोपाई की है। उन्हें सात हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। अगर किसानों ने धान के अलावा दूसरी कोई फसल बोई है तो उन्हें 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

बाजरे की खरीद एमएसपी पर होगी

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2.5 लाख मीट्रिक टन बाजरे की एमएसपी पर खरीद की अनुमति प्रदान कर दी है। अब इसकी खरीब एमएसपी पर होगी। उन्होंने बताया कि पहले भी सरकार ने किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये और 450 रुपये भावांतर दिया है।

ये नए पोर्टल लांच 

  • 1.ई-भूमि पोर्टल: इस पोर्टल के तहत सरकारी परियोजनाओं के लिए किसान अपनी भूमि को बेचने का प्रस्ताव सरकार को दे सकेंगे।
  • 2.नो-लिटिगेशन पॉलिसी-2023 पोर्टल: यह उन भूमि मालिकों को लाभ देना है जिनका नाम तहसील मानेसर के गांवों में दर्ज है।
  • 3.एचएमजाआईएएस पोर्टल: अवैध खनन रोकने के लिए ई-रवाना के स्थान पर इसे नए वर्जन के साथ लांच किया गया है।
  • 4.मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना पोर्टल: इस पोर्टल पर वे सभी गरीब परिवार घर के लिए आवेदन कर सकेंगे जिनके पास घर नहीं है।

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हुड्डा साहब का धन्यवाद, जिन्होंने पोर्टल की सरकार की संज्ञा दी है। प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने यह संज्ञा दी है कि यह पोर्टल की सरकार है। मुझे इस बात का गर्व है कि हम लगातार नए पोर्टल जनता की सुविधा की लाते रहते हैं और मेरी उनसे अपेक्षा भी है कि वह चुनाव तक इस विषय को छोड़े ताकि जनता जान सके कि इस पोर्टल का उन्हें कितना फायदा मिल रहा है। ये पोर्टल को समाप्त करने की बात कर रहे हैं और जनता इन्हें समाप्त कर देगी। ऐसा मेरा पूर्ण विश्वास है।

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अब घर बैठे डाउनलोड कर सकेंगे ओबीसी प्रमाण पत्र

ओबीसी वर्ग के लोग अब घर बैठे जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। सरकार ने इसके लिए परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रो-एक्टिव ओबीसी प्रमाण पत्र की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक बार जब किसी नागरिक की जाति व जाति की श्रेणी पीपीपी में सत्यापित हो जाती है तो वह बिना किसी मानव हस्तक्षेप के सरल पोर्टल पर अपनी पारिवारिक आईडी प्रदान करके जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है। फेसलेस और पेपरलेस के लिए यह सुविधा शुरू की गई है। पीपीपी में नागरिकों की सत्यापित जाति और जाति की श्रेणी के आधार पर सरल पोर्टल के माध्यम से प्रमाण पत्र पहले से ही जारी किए जा रहे हैं।

563 लाभार्थियों के खातों में पहुंची 21 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि

अंत्योदय परिवारों के सदस्यों की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होने की स्थिति में ऐसे परिवारों को सांत्वना राशि प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 563 लाभार्थियों को 12.38 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 1 लाख 80 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार के सदस्य की मृत्यु या 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती। 

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