मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 वर्ष पहले एक नया प्रयोग किया, इसके तहत सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों व अन्य हित धारकों से बातचीत कर आम बजट तैयार करने की परंपरा शुरू की। पिछले 2 वर्ष में कोरोना महामारी की वजह से प्रत्यक्ष रूप से बैठक कर बजट पर सुझाव तो नहीं लिए जा सके। लिखित सुझावों को आम बजट में शामिल किया गया। सोमवार को बजट पूर्व परामर्श के तौर पर आयोजित बैठक में सामने आए सुझावों को बजट 2022-23 में शामिल करने की कोशिश की जाएगी।
पंचायत व शहरी निकाय विभाग अलग से लें सुझाव
मुख्यमंत्री ने पंचायत व शहरी स्थानीय निकाय विभाग को अलग से अपने हित धारकों की बैठक बुलाकर बजट पूर्व परामर्श कर बेहतर सुझाव देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में पिछले वर्ष पेश किए गए आम बजट की विभाग अनुसार समीक्षा की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, बिजली मंत्री रणजीत सिंह, कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल, सहकारिता मंत्री डॉक्टर बनवारी लाल, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉक्टर कमल गुप्ता, विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा, श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक मौजूद रहे।