हरियाणा पुलिस के जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने हर साल तीन राज्य पुरस्कार देने का फैसला लिया है। वीरता के लिए मुख्यमंत्री पदक, जांच में उत्कृष्टता के लिए गृहमंत्री पदक और अन्य बेहतर कार्य करने के लिए ‘हरियाणा पुलिस उत्तम सेवा-पदक’ दिया जाएगा। हर श्रेणी में 10-10 पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके तहत 21-21 हजार रुपये की नकदी, प्रमाणपत्र और नौकरी में छह माह का सेवा विस्तार दिया जाएगा।
मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री पदक उन अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया जाएगा जो सामान्य कर्तव्य से ऊपर और विशेष बहादुरी के लिए असाधारण और विशिष्ट कार्य करेंगे। इन कार्यों में जीवन और संपत्ति को बचाने या अपराध रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने, कट्टर अपराधियों का सामना करने और जन आंदोलन पर नियंत्रण करने, बड़े पैमाने पर कानून और व्यवस्था की गड़बड़ी को रोकना आदि शामिल होगा।
गृहमंत्री पदक के लिए वे जांच अधिकारी हकदार होंगे, जो जांच के नए वैज्ञानिक तरीकों, फॉरेंसिक व ऑनलाइन जांच उपकरणों का उपयोग करते हैं। साथ ही चार्जशीट की त्वरित फाइलिंग करके दोषी का दोष सिद्ध करने में खास भूमिका अदा करते हैं। इसी प्रकार, हरियाणा पुलिस उत्तम सेवा पदक कानून और व्यवस्था, सूचना तकनीक, यातायात प्रबंधन, पुलिस स्टेशनों में प्रशासनिक कार्य, सामुदायिक पुलिसिंग और पुलिस विभाग की अन्य सभी नौकरियों या रिकॉर्ड-कीपिंग और हाउसकीपिंग के माध्यम से बेहतर प्रशासनिक कार्य करने वालों को मिल सकेगा। इसके लिए वे पुलिसकर्मी भी पात्र होंगे जो न केवल नीतिगत निर्णय लेने में सहायता करते हैं, बल्कि जो किसी औपचारिक पुरस्कार या इनाम के लिए अभी तक मान्य नहीं हुए थे।
वर्दी पर लगेगा रंगीन डिस्प्ले
इन पदकों से सम्मानित होने वालों की वर्दी पर बाईं जेब के ऊपर रंगीन डिस्प्ले के साथ एक पदक लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रमाण-पत्र के साथ 21 हजार रुपये का एकमुश्त नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, ग्रुप बी और सी पुलिस अधिकारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद उनकी सेवा में छह महीने का विस्तार (यदि वे सेवा में किसी अन्य विस्तार का लाभ नहीं उठा रहे हैं) दिया जाएगा। एक कैलेंडर वर्ष में पदकों की संख्या प्रत्येक श्रेणी में 10 से अधिक नहीं होगी।