मुख्यमंत्री ने बताया कि मानव संसाधन विभाग के गठन को मंजूरी दी गई है। यह विभाग कर्मचारियों के तबादले, भर्ती, सर्विस रूल्स आदि की व्यवस्था देखेगा। इसका गठन मुख्य सचिव के अधीन किया गया है। लंबे समय से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। विभाग के गठन से कर्मचारियों के संबंध में एकरूपता से निर्णय लिए जा सकेंगे।
कर्मियों की प्रतिनियुक्ति, राज्य प्रशिक्षण नीति 2020 के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने, एचसीएस सहित समूह ए, बी, सी और डी के सभी कर्मचारियों पर एकीकृत प्रशासनिक नियंत्रण यही विभाग रखेगा। सेवाओं और भ्रष्टाचार के उन्मूलन व सामान्य पात्रता परीक्षा के माध्यम से भर्ती में पारदर्शिता भी इसके जरिये सुनिश्चित की जाएगी। एचआरएमएस, एचपीएससी, एचएसएससी, सीईटी के संबंध में नीति भी यह विभाग बनाएगा। भ्रष्टाचार के आधार पर कर्मचारियों का निष्कासन और समय-समय पर विभागों का पुनर्गठन भी इस विभाग का कार्यक्षेत्र होगा।
कौशल रोजगार निगम गठन को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के गठन को मंजूरी दी है। अब आगे से आउटसोर्सिंग पर होने वाली सारी भर्तियां इस निगम के माध्यम से होंगी। इसके पोर्टल पर कौशल प्रशिक्षण युक्त बेरोजगार अपने नाम दर्ज करवा सकेंगे। सक्षम युवा पोर्टल पर दर्ज नाम भी इस पोर्टल पर दर्ज होंगे। सरकार के पास बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों व अन्य उपक्रमों में कच्ची भर्तियों में भ्रष्टाचार होने की शिकायतें बड़े पैमाने पर आ रही थीं। अब सभी संस्थाएं कच्ची भर्तियों के लिए निगम को ही मांग पत्र भेजेंगी।
82 हजार नए बीपीएल कार्ड बनेंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवार पहचान पत्र योजना के आय सत्यापन सर्वे में अब तक 82 हजार ऐसे परिवारों की पहचान हुई है जिनकी आमदनी सालाना 1.80 लाख रुपये से कम है। इन सभी के बीपीएल कार्ड बनाए जाएंगे। सर्वे के दौरान 75 हजार ऐसे परिवारों की पहचान हुई है जिनकी आमदनी 1.80 लाख रुपये से अधिक है और वे बीपीएल परिवारों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। ऐसे परिवारों का नाम बीपीएल सूची से काटा जाएगा।