बैठक में दिसंबर में होने वाले संगठन चुनावों पर भी चर्चा होगी और यह संभावना है कि इसके लिए चुनाव अधिकारी की भी नियुक्ति की जाए। सौ दिन के एजेंडे में उन कामों को तय किया जाएगा, जो घोषणा पत्र में भी शामिल और जिन्हें पूरा करने में ज्यादा मशक्कत की भी जरूरत नहीं है। इसके अलावा बैठक में नए चुनकर आए विधायकों प्रशिक्षण शिविर लगाने और सीएमओ के गठन पर भी चर्चा होगी।
उधर, चूंकि इस बार भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाई है, तो ऐसे में सहयोगियों के साथ तालमेल कैसे रखना है और किस तरह न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत प्रदेश में विकास की गति का बढ़ानी है, इस पर भी चर्चा होगी।
इसके अलावा कोर ग्रुप की बैठक में बोर्डों और निगमों के चेयरमैनों की अगली पारी पर भी मंथन होगा। चर्चा है कि मौजूदा चेयरमैनों में से कई के इस्तीफे लिए जा सकते हैं। साथ ही नई गठबंधन सरकार की मंगलवार को होने वाली पहली कैबिनेट मीटिंग में भी किन प्रमुख एजेंडों पर काम करना है, यह भी तय किया जाएगा।