इसी मसले पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब कोई आदमी मकान खाली करता है तो वह भागता है। यही हाल सरकार का है। सरकार भागने की तैयारी में है। सरकार के पास गिनाने को कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए सरकार लंबे विधानसभा सत्र से बच रही है। उनके अनुसार कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए तैयार है। लेकिन सरकार जानबूझकर इस सत्र को एक ही दिन में निपटाने की कोशिशों में लगी हुई है।
मुद्दों से भाग रही सरकार: अभय
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि सरकार इस विधानसभा सत्र को एक ही दिन में खत्म करना चाहती है। इससे ये साबित हो गया है कि सरकार मुद्दों से भाग रही है। सरकार नहीं चाहती कि जनता से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा में कोई चर्चा हो। इसलिए सरकार सत्र को एक ही दिन चलाने के पक्ष में है। लेकिन बिजनेस एडवाइजरी की कमेटी में सरकार के इस रवैया का विरोध किया जाएगा।
डीजीपी के चयन संबंधी बिल होगा पारित
इस विधानसभा सत्र में हरियाणा सरकार कुछ महत्वपूर्ण बिलों को पारित करवाना चाहती है। इसमें सबसे अहम बिल डीजीपी की नियुक्ति संबंधी रहेगा। इसके अंतर्गत पुलिस एक्ट में संशोधन कर प्रदेश स्तर पर ही एक आयोग गठित किया जाएगा। जो डीजीपी का चयन करेंगे। डीजीपी के चयन के लिए सरकार को अब यूपीएससी को आईपीएस के पैनल भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार अपने स्तर पर ही इसका चयन कर सकेगी। इसके अलावा एक बिल किसी यूनिवर्सिटी का नाम प्रख्यात लोक कलाकार पंडित लख्मी चंद के नाम पर रखने और एक बिल रेरा से संबंधित लाया जाएगा।