हरियाणा के चुनावी रण में पिछले कुछ समय के दौरान घोटालों को भी विरोधी हथियार बनाने की तैयारी में है। इन घोटालों को चुनावी मुद्दा बनाते हुए विरोधी भाजपा की घेराबंदी करेंगे। खुले मंच पर चुनावी जनसभाओं में विरोधी दलों के नेताओं ने घोटाला का बखान करना भी शुरू कर दी है। उधर, भाजपा ने भी विरोधियों केइस वार को भांपते हुए पलटवार की तैयारी शुरू कर दी है। घोटालों पर विरोधियों का मुंह किस तरह से बंद करना है, भाजपा इस होमवर्क में जुटी हुई है।
पिछले पांच साल में आर्थिक अनियमितताएं हों या फिर अन्य गड़बड़झाले, मनोहर सरकार ने न तो इस पर परदा डालने की कोशिश की और न ही इसे अनदेखा किया। बल्कि इन अनियमितताओं पर भाजपा ने गंभीरता से कार्रवाई की पहल करते हुए कूटनीतिक रूप से इन्हें अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश भी की है। लेकिन विरोधियों ने अपनी चुनावी रणनीति में इन घोटाला का ठीकरा प्रदेश सरकार पर ही फोड़ने की तैयारी की है।
भाजपा इस तरह करेगी पलटवार
भाजपा भी इन घोटाला के पलटवार पर पूरी तरह तैयार है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने संज्ञान में आते ही खुद इन घोटालों खुद कार्रवाई करवाई है, न कि पूर्व सरकारों की तरह इस पर परदा डाला है। नेताओं का कहना है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार हो या इनेलो सरकार अपने कार्यकाल में जिन नेताओं ने घोटाले किए या घोटालों को संरक्षण दिया उनमें से कुछ जेल में हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। मगर भाजपा न तो भ्रष्टाचार बर्दाश्त करती है और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शती है।