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केंद्र पर बरसीं हरसिमरत: कहा- HSGPC बना सिखों को कमजोर करना चाहती है सरकार, वजह भी बताई

Tue, 27 Sep 2022 06:55 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

हरसिमरत ने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों को रद्द करवाने में सिखों का अहम योगदान रहा। इसे देखकर ही केंद्र सरकार बौखला गई थी। इसलिए केंद्र सरकार ने सिखों को तोड़ने की कोशिश की ताकि सिख आपस में ही लड़ते रहें।
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हरसिमरत कौर बादल - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सिखों को विभाजित व कमजोर करने वाला है। हरसिमरत कौर बादल मंगलवार को श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंची थीं। बादल परिवार ने सुख शांति व चढ़दी कला के लिए श्री अखंड पाठ साहिब की श्रृंखला श्री हरमंदिर साहिब परिसर में शुरू की है। इसी के तहत वह माथा टेकने पहुंची थीं।

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हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को एसजीपीसी से अलग करने के पीछे केंद्र सरकार का सीधा हाथ है। केंद्र की भाजपा सरकार पहले ही 2024 तक क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की घोषणा कर चुकी है। इसके तहत ही एसजीपीसी और अकाली दल को भाजपा कमजोर कर रही है।

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हरसिमरत ने कहा कि एसजीपीसी के संबंध में किसी भी तरह का निर्णय लेना केंद्र का हक है, परंतु कोर्ट के माध्यम से गलत ढंग से एसजीपीसी को तोड़कर विभाजित किया जाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जो अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए है, उन्होंने भी अलग हरियाणा कमेटी बनाने का समर्थन किया था। अब आम आदमी पार्टी भी इसी रास्ते पर चल रही है।
  
हरसिमरत ने कहा कि आज तो हरियाणा कमेटी को अलग किया गया है। आने वाले समय में गांवों में गुरुद्वारों को अलग कर दिया जाएगा। इससे पंथ कमजोर होगा। अलग कमेटी बनते ही प्रधानगी के लिए हरियाणा कमेटी के दो अध्यक्ष आपस में लड़ने शुरू हो गए हैं। आगे हालात और भी खराब दिखाई देने वाले हैं।
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हरसिमरत ने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों को रद्द करवाने में सिखों का अहम योगदान रहा। इसे देखकर ही केंद्र सरकार बौखला गई थी। इसलिए केंद्र सरकार ने सिखों को तोड़ने की कोशिश की ताकि सिख आपस में ही लड़ते रहें। देश आजाद होने से पहले ही सिखों ने अपने गुरुद्वारे अंग्रेजों से आजाद करवा लिए थे। इसके लिए कई सिखों ने कुर्बानियां दी हैं और पूरे विश्व के सिख एक-दूसरे के साथ जुड़े हैं। उन कुर्बानियों को याद करके आज सभी सिखों को एक होना होगा।

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