शिरोमणि अकाली दल बादल की सांसद हरसिमरत कौर बादल शनिवार को श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचीं। इस मौके पर उन्होंने गुरुघर में इलाही गुरबाणी को श्रवण किया और सरबत के भले की अरदास की।
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि वह सुख-शांति के लिए अरदास करने आई हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब पर हमले के बाद एक बार फिर पुलिस चल रहे अखंड पाठ साहिब के दौरान बूटों के साथ गुरुद्वारा सुलतानपुर लोधी में गई और गोलियों चलाकर संगत पर हमला किया। पहले कांग्रेस पार्टी ने अपना सिख विरोधी चेहरा दिखाया अब आम आदमी पार्टी भी उसी रास्ते पर चलकर अपना सिख विरोधी चेहरा दिखा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोंनों की सिखों के प्रति एक ही तरह की विरोधी विचारधारा है।
बंदी सिखों की रिहाई के मुद्दे पर हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि केंद्र सरकार एक ओर अपने को सिख हितैषी होने का प्रचार कर रही है। वहीं, बार-बार अपील करने के बाद भी जेलों में बंद सिखों को रिहा नहीं किया जा रहा। यहां तक कि एसजीपीसी की ओर से बंदी सिखों की रिहाई के लिए बनाई गई कमेटी को भी बार-बार अपील करने के बावजूद समय नहीं दिया जा रहा है। फिर कैसे समझा जाए कि केंद्र की भाजपा सरकार सिखों की हितैषी है।
हरसिमरत ने कहा कि आप ने चुनाव से पहले सभी सिख बंदियों को रिहा करवाने का एलान किया था परंतु आज आप के पंजाब व दिल्ली के सीएम दोनों ही सिख विरोधी साबित हुए हैं। प्रो. दविंदरपाल भुल्लर की रिहाई न करके अपना सिख विरोधी चेहरा स्पष्ट कर दिया है।