हरियाणा ने अपने क्षेत्र में परियोजना पूरी कर ली है। जबकि काफी समय से इस मुददे पर विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने गत चार अक्तूबर को केंद्र से कहा कि वह पंजाब में जमीन के उस हिस्से का सर्वेक्षण करे जो राज्य में एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए आवंटित किया गया था और किए गए निर्माण की सीमा का अनुमान लगाए।
दूसरी तरफ पंजाब विधानसभा के 20 अक्तूबर को बुलाए जा रहे सत्र पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्यपाल को अपना कानूनी सलाहकार बदलना चाहिए, क्योंकि सत्र पूरी तरह से कानूनी है और इसमें कई जरूरी बिल लाए जा रहे हैं, जो पंजाब सरकार व लोगों से संबंधित हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यपाल को इन बिलों को लेकर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
बता दें कि शुक्रवार को राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने इस सत्र को गैर-कानूनी बताया था। 20 अक्तूबर को पंजाब सरकार की ओर से बुलाए जा रहे विधानसभा सत्र पर अब सूबे में सियासत तेज हो गई है। जब मीडियाकर्मियों ने पुराने बिलों के संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अब तक उनके पास राज्यपाल की तरफ से कोई पत्र नहीं आया है, जिससे पता चल सके कि उन्होंने बिलों को मंजूरी दी है या नहीं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जो भी बिल पास होते है, वह राज्य की बेहतरी के लिए पास किए जाते हैं।