साध्वी रेप केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद उनके कई अनुयायी बाबा की करतूत से आहत हैं, जिस कारण उनका गुस्सा भी फूटा। अंबाला के मुलाना में डेराप्रेमियों ने डेरा मुखी के चित्रों को पानी में बहा दिया, वहीं कई लोगों ने अपने घर के बाहर लिखी डेरा की टैग लाइन को ही कुरेद डाला।
इन लोगों का कहना है कि वे धर्म कर्म के लिए जुड़े थे, लेकिन जिस तरह से बाबा का यह चेहरा देखने को मिला, उससे काफी आहत हुए हैं। इसी कारण से कई अनुयायी डेरा मुखी के चित्र मारकंडा नदी में बहा रहे हैं।
यह दौर 25 अगस्त से ही शुरू हो गया था
बाबा गुरमीत राम रहीम केस अपडेट
वैसे यह दौर 25 अगस्त से ही शुरू हो गया, जब कोर्ट ने बाबा को दोषी ठहराया। एक डेरा प्रेमी ने तो घर के बाहर लिखी डेरा की टैगलाइन को स्वयं ही हथौड़ी के साथ कुरेद डाला। इतना ही नहीं एक बुजुर्ग महिला तो बाबा की फोटो लेकर मारकंडा नदी तक पहुंची और इस में बह रहे पानी में इस फोटो को डाल दिया।
बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह केवल प्रभु के नाम पर डेरे से जुड़ी थी, लेकिन बाबा के आंतरिक आचरण के बारे में कोई ज्ञान नहीं था। अब जो हो रहा हैं उसको देखते हुए ही यह फोटो व डेरा संबंधित सामग्री को मारकंडा नदी में बहाने आई हूं।
क्या था मामला
ram rahim
साल 2000 में डेरा सच्चा सौदा की एक साध्वी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, राष्ट्रपति व मीडिया को एक गुमनाम पत्र भेजा था। पत्र में साध्वी ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर उसके और कई अन्य साध्वियों के साथ बलात्कार के आरोप लगाए थे।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पत्र का संज्ञान लेते हुए सितंबर 2002 को मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने जांच में आरोपों को सही पाया और गुरमीत के खिलाफ विशेष अदालत के समक्ष 31 जुलाई, 2007 में आरोपपत्र दाखिल किया। 25 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने इस केस में डेरा मुखी को दोषी करार दिया। 28 अगस्त को दस साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।