नामांकन दाखिल करते वक्त आप प्रत्याशी गुरमेल सिंह के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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संगरूर लोकसभा उपचुनाव को लेकर सियासी अखाड़ा गरमा गया है। शनिवार को सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की तरफ से सरपंच गुरमेल सिंह और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) से सिमरनजीत सिंह मान ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सरपंच गुरमेल सिंह का नामांकन पत्र दाखिल करवाने मुख्यमंत्री भगवंत मान विशेष तौर पर पहुंचे। उनके साथ उनकी माता हरपाल कौर भी मौजूद रहीं।
पत्रकारों से गैर सियासी बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह लोकसभा संगरूर से लगातार तीसरी बार लोगों की कचहरी में जा रहे हैं। उम्मीद है कि लोग हमें पहले जितना ही प्यार देंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के जरिये लोगों तक पहुंच की जाएगी लेकिन अंतिम फैसला लोगों के हाथ में ही है।
सीएम मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपनी परंपरा बरकरार रखते हुए एक आम घर के युवक को टिकट दिया है, यह बात किसी अन्य दल में नहीं है। जब उनसे सिद्धू मूसेवाला संबंधी सवाल किया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चुनाव आयोग की हद में खड़े होने के कारण किसी सियासी सवाल का जवाब नहीं दे सकते।
संगरूर लोकसभा क्षेत्र में 23 जून को चुनाव होना है। गुरमेल सिंह ने गणित में स्नातकोत्तर के साथ एमबीए भी किया है। राजनीति में आने से पहले वह एक शिक्षक थे। वह 2018 तक जिले के विभिन्न स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते थे। गुरमेल सिंह 2015 में भवानीगढ़ ब्लॉक के सर्कल प्रमुख बने। बाद में 2018 में घराचों गांव के सरपंच चुने गए। 2021 में आप ने उन्हें संगरूर का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया था।
दूसरी तरफ, शिअद (अ) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि अपनी पार्टी की विचारधारा के तहत लोगों की आवाज संसद में उठाने के लिए वह चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन कुछ लोग नहीं चाहते कि वह चुनाव लड़ें। उपचुनाव में बादल दल से सहमति के बारे में उन्होंने कहा कि शिअद के अध्यक्ष और एसजीपीसी अध्यक्ष व अन्य पदों से इस्तीफा देकर पंथक मुद्दों व बंदी सिंहों की रिहाई के लिए गंभीरता से विचार करें तो वह इस बारे में सोच सकते हैं।