जब उसने उसके शेख को पति की मौत संबंधी बात बताई तो उसने कहा कि ऐसे रोजाना लाखों लोग मरते रहते हैं। एक साल काम करवाने के बदले उसे कोई पैसा भी नहीं दिया गया। उसने बताया कि वह अपने बेटे द्वारा किए गए प्रयासों के चलते ही आज सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी है।
वीना के बेटे रोहित ने बताया कि उन्होंने सांसद सनी देओल सहित कई लोगों के पास उसकी मां को वापस लाने के लिए गुहार लगाई थी लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की।
आखिर में उसने हरनेक रंधावा हेल्पलाइन कनाडा से संपर्क किया जिन्होंने उसकी मां को वापस लाने में बहुत मदद की। कुवैत में एक शेख द्वारा उसे बंदी बनाया गया। उसका कहना था कि उसने वीना को 1200 दिनार में खरीदा है। जिसके बाद हरनेक सिंह रंधावा हेल्पलाइन की ओर से 1200 दीनार देकर उसे शेख से रिहा करवाया गया और कुवैत से हेल्पलाइन के सदस्यों द्वारा ही एयर टिकट का प्रबंध करके भारत भेजा गया।
हरनेक सिंह रंधावा हेल्पलाइन की ओर से 13 जुलाई को वीना को वापस लाने का काम शुरू किया गया था और 11 दिन की कड़ी मेहनत के बाद वह सफल हो गए। शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंची वीना की सेहत काफी कमजोर हो चुकी थी। उसने बताया कि उसे भूखा रखने के साथ-साथ मारपीट की जाती थी। जब वह विदेश गई तो उसका वजन 60 किलो था जो अब कम होकर 38 किलो रह गया है।
यही कारण है कि उसका शरीर अभी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। शनिवार को जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की सचिव राणा कंवरदीप की ओर से अपनी देखरेख में वीना को सिविल अस्पताल गुरदासपुर में लाया गया। यहां पर पूरा दिन चले इलाज के बाद उसे शाम को घर भेज दिया गया।