रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है, चंडीगढ़ के घने जंगलों में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। पहले इन जंगलों में पेड़ कम हुआ करते थे। पर्यावरण डिपार्टमेंट ने अभियान चलाकर जंगलों में खूब पेड़ लगाए, जिससे जंगल घने हो गए। चंडीगढ़ के डिप्टी कंजरवेटिव फारेस्ट अब्दुल कय्यूम का कहना है कि सर्वे में सुखना सेंचुरी के एरिया को चंडीगढ़ में शामिल नहीं किया जाता है, जबकि वह चंडीगढ़ का ही क्षेत्र है। इस एरिया को मिलाकर चंडीगढ़ का फारेस्ट एरिया कुल 46.26 फीसदी होता है।
दो सालों में ये उठाए गए कदम
- मिशन जलशक्ति अभियान के तहत 65 हजार पौधे लगाए।
- वन विभाग आपके द्वार नामक अभियान शुरू किया गया।
- मानसून में शहर की स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी पेड़ लगाए।
- स्कूलों में बने इको क्लब की ओर से भी जगह-जगह जागरूकता फैलाई।
चंडीगढ़ के ग्रीन कवर का बढ़ना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह एक संयुक्त प्रयास का नतीजा है। इसमें चंडीगढ़ प्रशासन, पर्यावरण डिपार्टमेंट और पर्यावरण प्रेमियों का अहम योगदान रहा है। - डा. अब्दुल कय्यूम, डीसीएफ पर्यावरण डिपार्टमेंट