उन्होंने नए विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि आप को सदन में अहम जिम्मेदारी दी गई है। पिछली विधानसभा में आप जनता के मुद्दे जोरशोर से उठाते रहे हैं, इसलिए उम्मीद है कि इस बार विपक्ष को अपनी बात उठाने का पूरा समय देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोकहित के हर फैसले में अपनी पार्टी सरकार के साथ खड़ी होगी लेकिन सरकार अगर कहीं कमजोर साबित हुई तो विरोध भी किया जाएगा। भाजपा के विधायक व प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सदन में सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
सदन में मौजूद अन्य सदस्यों में नछत्तर पाल, सुखपाल सिंह खैरा, प्रताप सिंह बाजवा, अमन अरोड़ा, सुखविंदर सुखी, प्रिंसिपल बुधराम, डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, मनप्रीत सिंह बिलासपुर, तरुणप्रीत सिंह सौंधा, गुरमीत सिंह मीत हेयर, इंदरजीत कौर, कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री भगवंत मान व उनकी टीम को बधाई दी।
विधानसभा की कार्यवाही का लाइव प्रसारण होगा: सीएम
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि सदन की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सदस्यों की ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग भी मुहैया करवाई जाएगी, जिससे सदन की कार्यवाही सार्वजनिक की जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में सदन की ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग पत्रकारों को भी मुहैया करवाई जाएगी।
भगवंत मान ने अफसोस जाहिर किया कि दुर्भाग्य से पहले जब कोई भी सदन की कार्यवाही रिकॉर्ड करता था तो विशेषाधिकार प्रस्ताव का प्रयोग करके रिवायती पार्टियां अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाती थीं। ऐसा करना सदस्यों की आजादी के अधिकार की सरेआम उल्लंघन है, इसलिए आप सरकार ने सैद्धांतिक तौर पर फैसला किया है कि भविष्य में ऐसा कभी नहीं होगा और सदन की सारी कार्यवाही सार्वजनिक की जाएगी।
‘अब हमें न कहना पड़े, अंधा-गूंगा स्पीकर’
सोमवार को सदन में जब पक्ष और विपक्ष के सदस्य नए विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दे रहे थे, उसी कड़ी में कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार संधवा को उनके ही शब्द इस तरह याद दिलाए कि मुख्यमंत्री समेत सदन में मौजूद सभी सदस्य हंसने पर मजबूर हो गए। उन्होंने नए विधानसभा अध्यक्ष से कहा- ‘पिछली विधानसभा में आप विपक्षी सदस्य के रूप में जोरशोर से अपनी बात रखते रहे हैं।
कई बार तो आप तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष को ‘अंधा-गूंगा’ स्पीकर तक कह देते थे। इस बार विपक्ष का ख्याल रखिएगा, कहीं हमें भी ऐसा ही न कहना पड़े।’ इस पर विधानसभा अध्यक्ष संधवा और मुख्यमंत्री मान समेत सभी सदस्य हंस पड़े। परगट सिंह ने पंजाब में सत्ता परिवर्तन को राजनीतिक सुधार करार देते हुए कहा कि पंजाबी 20-25 साल में ऐसे फैसले लेते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने अनुभव किया है कि दिल्ली और उसकी ब्यूरोक्रेसी बहुत से लोगों को खराब करती है। उन्होंने नई सरकार से आग्रह किया कि पंजाब के मुद्दों को उभारें और उनके हल तलाशें।’