हरियाणा में करीब 50 हजार खाली पदों को भरने के लिए प्रदेश सरकार की ओर लगातार विभागों में रिक्तियां निकाली जा रही है। अब तक 30 हजार पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हो चुकेहैं जबकि सरकार का दावा है कि हर साल 10 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।
प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए कौशल विकास केन्द्र और विश्वविद्यालय के अलावा पॉलिटेकिभनक व अन्य कॉलेजों की संख्या में बढ़ोतरी का सिलसिला भी जारी है। मार्च में गुड़गांव में हुए हैपनिंग हरियाण समिट के दौरान देश विदेश की अग्रणी कंपनियों ने हरियाणा में निवेश में रूचि दिखाई थी। माना जा रहा है विदेशी निवेश से न केवल छोटे और मध्यम दर्जे बल्कि अग्रणी कंपनियों में भी हर साल लाखों की संख्या में रोजगार का सूजन होगा।
कर्मचारी चयन आयोग की ओर से सात हजार पुलिस कांस्टेबल के करीब सात हजार अन्य पदों के लिए भी आवेदन मंगाए जा चुकेहैं। इनमें क्लर्क, जूनियर इंजीनियर, टीचर सहित अन्य कई पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया चल भी रही है। कौशल विकास केन्द्र और कौशल विकास यूनिवर्सिटी से भी रोजगार संभावनाओं में बढ़ोतरी होगी।
हर साल प्रदेश के अग्रणी संस्थानों से पढ़ाई करने वालों को कैंपस प्लेसमेंट के जरिये दूसरे प्रदेशों में भी अग्रणी कंपनियों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पंचकूला में निफ्ट, नए मेडिकल कॉलेज खोलने को मंजूरी दिए जाने से कई ऐसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ने लगे हैं, जो अब तक अछूता रह गए थे। गुड़गांव, फरीदाबाद, पानीपत, सोनीपत, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर में भी मौजूद सैकड़ों की संख्या में कंपनियों और फैक्ट्रियों में औद्योगिक विकास की रफ्तार में तेजी आने से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।