हरियाणा में अब लोगों को स्टाम्प पेपर के लिए किसी भी कार्यालय, स्टैम्प वैंडर या बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करते हुए ई-स्टाम्पिंग का नाम दिया गया है। यह प्रणाली इतनी सरल है कि इसका इस्तेमाल कोई भी व्यक्ति अपने घर बैठकर भी कर सकता है और स्टाम्प पेपर से संबंधित गर्वनमेंट रिसिप्ट जमा करवाकर स्टैम्प पेपर ऑनलाईन प्राप्त कर सकता है।
क्या है प्रणाली ई-स्टाम्पिंग की पूरी प्रक्रिया में सिर्फ 10-15 मिनट तक का समय लगता है। इस प्रणाली के इस्तेमाल से लोगों को बैंको को अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं देना पड़ता। उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति को एक लाख रुपये का स्टाम्प पेपर बैंक से प्राप्त करना है तो उसे इसकी एवज में बैंक को 300 रुपये तक की राशि का भुगतान करना पड़ता है। इसके अलावा, एक लाख से 5 लाख रुपये तक की राशि के लिए 500 रुपये और 5 लाख रुपये से अधिक के लिए 1000 रुपये अतिरिक्त बैंक को जमा करवाना पड़ता है। ई-स्टाम्पिंग उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नही है जिन्हें दूसरे राज्यों से रजिस्ट्री के लिए आना पड़ता है। यदि व्यक्ति ई-स्टाम्पिंग का इस्तेमाल करके स्टाम्प पेपर प्राप्त कर लेता है तो वह एक ही दिन में रजिस्ट्री करवा सकता है।
इस तरह काम करती है ई-स्टाम्पिंग प्रणाली : सबसे पहले यूजर ई-ग्रास यानि (government Receipt accounting System) पर मैनुअल, नेट बैकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड द्वारा स्टाम्प पेपर से संबंधित गर्वनमेंट रिस्पिट्स जमा करवाएगा। इसके लिए यूजर गाइड पहले ही ई-ग्रास के लोगिन पेज पर दिया हुआ है। इसके लिए यूजर खजाना एवं लेखा विभाग की वेबसाईट
www.hrtreasuries.gov.in पर जाकर ई-चालान (ई-ग्रास) पर क्लिक करेगा। ई-ग्रास सिस्टम में चालान जनरेट करने के लिए https://egrashry.nic.in वेबसाईट पर जाना होगा और यूजर नेम व पासवर्ड में guest टाइप करना होगा। इसके बाद अगले पेज पर यूजर स्लिक्ट कैटेगरी कॉलम मे नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प एंड डाक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन फीस सिलेक्ट करेगा और चयनित कैटेगरी के अनुसार पर्पज ऑफ पैमेंट कॉलम में Stamp fee for lease/tenancy/Share आदि भी सिलेक्ट करेगा और इसके बाद यूजर सावधानीपूर्वक सबमिट बटन क्लिक करेगा।
इसके बाद यूजर के कम्प्यूटर स्क्रीन पर चालान विवरण का पेज खुलेगा जिसमें चालान से संबंधित विवरण एंटर करते समय यूजर को डिस्ट्रिक्ट नेम, ट्रेजरी नेम सिलेक्ट, ऑफिस नेम कॉलम में यूजर संबंधित तहसील कार्यालय या उपमंडल कार्यालय के डीडीओ को सिलेक्ट करना होगा। इसके बाद यूजर पीरियड कॉलम में वन टाइम और जिस राशि का यूजर को स्टाम्प पेपर प्राप्त करना है। उसका अमाऊंट कॉलम में एंटर करना होगा। इसमें यूजर को टाइप ऑफ पेमेंट में मैनुअल या ई-बैंकिंग ऑपशन सिलेक्ट करना होगा।
यदि यूजर मैनुअल ऑपशन क्लिक करता है तो उसके चालान की प्रति का प्रिंट आऊट लेकर यूजर को सिलेक्टड बैंक में प्रस्तुत करना होगा और यदि यूजर ई-बैंकिं ग ऑपशन क्लिक करता है तो यूजर लिस्टिड 52 बैंको के द्वारा नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड द्वारा सीधे ही गर्वमेंट रिस्पिट में पैमेंट जमा करवा सकता है। इसके लिए उसे किसी बैंक में जाने की आवश्यकता नहंी होगी। प्रत्येक चालान के ऊपर बाई ओर एक जीआरएन नंबर होता है। इसी नंबर के द्वारा यूजर अपने से संबंधित चालान को वैरिफाइ कर सकता है। इसलिए यूजर संबंधित चालान का जीआरएन नंबर अवश्य नोट कर ले।
यदि किसी कारणवश यूजर द्वारा की गई पेमेंट यूजर के बैंक खाते से कट गई है लेकिन ई-ग्रास पर चालान का स्टेटस सक्सैसफुल नहीं है तो यूजर संबंधित चालान की पैमेंट लोगिन पेज पर वैरिफाई पैमेंट लिंक क्लिक करके स्टेटस प्राप्त कर सकता है। अगर चालान का स्टेटस सक्सैसफुल है तो पुनऱ् यूजर को चालान बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि चालान का स्टेटस पैंडिंग है तो यूजर के अकांऊट मे चालान की राशि (जोकि उसके बैंक खाते से कट गई थी) वापिस प्राप्त हो जायेगी और यूजर संबंधित चालान पुनऱ् बनायेगा। संबंधित चालान का स्टेटस सक्सैसफुल होने के बाद यूजर होम पेज पर प्रिपेयर स्टाम्प पेपर टैब क्लिक करेगा और संबंधित चालान का जीआरएन नंबर एंटर करेगा। इसके बाद यूजर क्रेता और विक्रेता का विवरण दर्ज करेगा और इसकी अच्छी प्रकार से जांच भी अवश्य करेगा कि एंटर किया गया विवरण पूर्णतया सही हो और यदि कोई गलती हो तो एडिट बटन क्लिक करके गलती को ठीक करेगा। इसके बाद यूजर स्टैम्प पेपर का प्रिंट आऊट ले लेगा।