हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के कर्मचारियों के चिकित्सा भत्ते में बढ़ोतरी, महंगाई भत्ते की किश्त जारी करने, सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को बोर्ड और निगमों में लागू करने, वेतन विसंगति के बारे में जी. माधवन कमेटी की रिपोर्ट को शीघ्र लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शनिवार को सर्व कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान महासंघ की ओर से रखी गई मांगों के अलावा मुख्यमंत्री ने अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कर्मचारियों के चिकित्सा भत्ते में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि मुख्यमंत्री ने पहली जनवरी, 2016 से महंगाई भत्ते की दर में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
पहले महंगाई भत्ता 119 प्रतिशत था, जिसे बढ़ाकर 125 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। इससे राजकोष पर 315.34 करोड़ रुपये का अतिरिक्त सालाना भार पड़ेगा। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के वेतन विसंगति के बारे में जी.माधवन कमेटी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इसे लागू करने का निर्णय लिया है।
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बोर्ड और निगमों के लिए गठित होगी कमेटी
बोर्ड और निगमों के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए भी एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट जल्द होगी लागू, 4000 करोड़ का प्रावधान
मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए पहले ही बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया हुआ है। केंद्र सरकार के बाद राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू कर देगी, जिसमें बोर्ड और निगमों के कर्मचारी भी शामिल होंगे।
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कहीं भी नियुक्ति के लिए तैयार कर्मियों को प्रोत्साहन राशि भी
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि सरकार जल्द ही टीचर ट्रांसफर पॉलिसी जारी करेगी, जिसके तहत अध्यापकों को आठ विकल्प दिए जाएंगे। ऐसे अध्यापक प्रदेश जो प्रदेश में कहीं पर भी नियुक्त होने के लिए तैयार होंगे, उन्हें वेतन के अलावा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ठीक इसी तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए भी ट्रांसफर पॉलिसी लाई जाएगी।
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भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर कर्मियों ने सरकार की सराहना की
महासंघ के पदाधिकारियों ने लाइन लॉसेज को कम करने के लिए बिजली कर्मचारियों को ही एक फीडर प्रयोग के तौर पर देने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति व्यक्त कर दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा परिवहन बेड़े में नई बसें भी शामिल की जाएंगी। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि इस समय वह बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपना कार्य कर रहे हैं। बैठक में हरियाणा सर्व कर्मचारी महासंघ के नेता कंवर सिंह यादव, हरियाणा रोडवेज यूनियन के निढाणा, जगमोहन, ओमवीर मेहरा, जनस्वास्थ्य विभाग के नरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य विभाग की कौशल्या आदि शामिल थे।