हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर दून के विकासनगर स्थित लखवाड़ जल विद्युत परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे। बांध निर्माण में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वे मामले में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से बात करेंगे, ताकि निर्माण कार्य में तेजी आ सके। निर्माण कार्य पूरा होने पर हरियाणा को करीब 47 प्रतिशत पानी की आपूर्ति होगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री कालसी के रामलीला मैदान और फिर बाई रोड लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के पॉवर हाउस पहुंचे। जहां उन्होंने पॉवर हाउस का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों से बांध के संबंध में जानकारी ली।
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बांध निर्माण के लिए 90 प्रतिशत धनराशि केन्द्र और शेष धनराशि राज्य सरकार वहन कर रही है। बांध निर्माण से हरियाणा, हिमाचल, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और राजस्थान को पानी मिलेगा। सर्वाधिक 47 प्रतिशत पानी हरियाणा को मिलेगी। अधिकारियों ने बरसात के दौरान उफान पर आती यमुना के चलते मैदानी क्षेत्रों में आ रही बाढ़ को रोकने के लिए भी बांध को जरूरी बताया।
विज्ञापन
खट्टर ने बांध को हरियाणा के लिए बताया बेहद जरूरी
लखवाड़ डैम
- फोटो : AmarUjala
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि हरियाण के लिहाज से यह बांध बेहद जरूरी है। इससे जहां हरियाणा में पेयजल किल्लत दूर होगी वहीं बड़े भू-भाग की सिंचाई भी संभव हो सकेगी। उन्होने किसाऊ बांध का जिक्र करते हुए कहा कि यदि किसाऊ बांध का भी जल्द निर्माण होता है तो दक्षिण हरियाणा में गर्मियों के दौरान होने वाली पेयजल किल्लत दूर हो जाएगी।
उन्होंने आश्वास्त किया कि बांध निर्माण के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे उठाए जाएंगे। इस मौके पर ऊर्जा सचिव उमाकांत पंवार, जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा, एसडीएम हरगिरी, सीओ स्वप्न किशोर सिंह आदि मौजूद रहे।
परियोजना एक नजर में
वर्ष 1976 में इस बहुद्देशीय परियोजना के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान राज्य को सिंचाई, घरेलू और औद्योगिक इकाइयों के लिए पेयजल की आपूर्ति कराना है।
वर्ष 1987 में परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया जो 1992 तक 30 प्रतिशत पूरा हो गया था। लेकिन इसके बाद से परियोजना का निर्माण कार्य अधर में लटका है। साल 2008 में केंद्र सरकार ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया था। एएमयू के तहत हरियाणा को पानी का करीब 47.82 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। योजना से 612.93 मिलियन यूनिट विद्युत प्रतिवर्ष का उत्पादन होगा। इस परियोजना से बाढ़ को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी और नदी में नियंत्रित जल का प्रवाह होगा।
सीएम खट्टर को परियोजना के बारे में जानकारी देते अधिकारी
- फोटो : AmarUjala
कार्यक्रम के दौरान लखवाड़ बांध परियोजना के निर्माण से प्रभावित लोगों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिल सके। जिसके चलते उन्हें निराश होना पड़ा। लोगों का कहना था कि कई विस्थापित लोगों का आज तक भुगतान नहीं हुआ है।
जिन लोगों की भूमि बांध निर्माण की चपेट में आ रही है उन्हें अन्य जगहों पर भूमि आवंटित नहीं की जा रही है। मामले में ऊर्जा निगम के सचिव उमाकांत पंवार ने कहा कि विस्थापितों के मुआवजे की प्रक्रिया लंबी होती है, जिस कारण इसमें कुछ समय लग रहा है, जल्द ही सभी लोगों को वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा आवंटित कर दिया जाएगा।
योजना को मिले स्वीकृति
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्डिनेटर विपुल जैन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर लखवाड़ परियोजना को केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय से स्वीकृति दिलाने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश को मिलने वाली मुआवजा राशि के शीघ्र भुगतान की मांग की। कहा भूमि अधिग्रहण का मुआवजा न मिलने के कारण निर्माण कार्य आए दिन बाधित हो जाता है।