स्वर्ण जयंती विस सेशन खत्म, संबोधन करते हुए सीएम खट्टर
स्वर्ण जयंती पर आयोजित विधानसभा सत्र के समापन संबोधन में मुख्यमंत्री खट्टर खुलकर बोले और साथ ही विरोधियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हित सर्वोपरि है। आपसी टकराव के बाद व्यवस्था की बगावत का खेल अब नहीं चलेगा। यह खेल करने और करवाने वालों की पहचान की जाएगी। सरकार की विनम्रता को कमजोरी न समझें।
सत्र के समापन से पहले अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के नाम की चर्चा सदियों से चली आ रही है। वर्ष 1966 में अलग प्रदेश के तौर पर हरियाणा के गठन में सैकड़ों महापुरुषों ने अपना अहम योगदान दिया, जिसे हमेशा याद किया जाएगा, लेकिन इसके लिए राजनीतिक पार्टियों के बीच आपसी होड़ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस होड़ से ऊपर उठकर सोचना चाहिए।
हरियाणा के गठन के लिए पहले से ही संघर्ष होते रहे हैं, मुख्यमंत्री ने हरियाणा के गठन और इसके बाद से विकास का श्रेय प्रदेश की जनता को दिया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर प्रदेश सरकार की कोशिश है कि सभी राजनपीतिक पार्टियों, संस्थाओं सहित अन्य लोगों के अहम सुझाव पर आगे बढ़ें।
सभी क्षेत्रों के लिए तय होंगे विकास के लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने गुड़गांव और नूंह के बीच काफी कम दूरी होने के बावजूद प्रति व्यक्ति औसत आय, दस गुना होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के समेकित विकास के लिए जरूरी है कि सभी जिले और क्षेत्र के लिए लक्ष्य निर्धारित कर, इन्हें हासिल किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जगह रोजगार के अवसर मुहैया किए जाएंगे ताकि अंतर को कम कर, विकास की इस प्रक्रिया में सभी को बराबरी से आगे बढ़ने का मौका मिल सके।