ज्ञानी रघबीर सिंह ने संभाला श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार का पद।
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श्री अकाल तख्त साहिब के नवनियुक्त जत्थेदार सिंह ज्ञानी रघबीर सिंह ने गुरुवार को पंथक परंपराओं के अनुसार पदभार संभाल लिया। पद संभालने के बाद उन्होंने सिख गुरुद्वारा संशोधन बिल को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। श्री अकाल तख्त पर हुए ताजपोशी कार्यक्रम में कई सिख संगठनों के पदाधिकारी व सिख बुद्धिजीवी भी पहुंचे। यहां उन्हें पगड़ी पहनाने की रस्म निभाई गई।
उल्लेखनीय है कि श्री अकाल तख्त को 4 साल 244 दिन के बाद स्थायी जत्थेदार मिला है। इससे पहले ज्ञानी हरप्रीत सिंह यह पद संभाल रहे थे। उनके पास तख्त श्री दमदमा साहिब का जिम्मा भी है। उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के पद से हटा दिया गया था। अब वह सिर्फ श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।
रघबीर सिंह की पगड़ी रस्म के दौरान श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह भी मौजूद रहे। विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और तख्तों के पूर्व जत्थेदारों ने रघबीर सिंह को पगड़ी और सिरोपे भेंट किए। एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह ने जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की नियुक्ति के संबंध में पारित प्रस्ताव पढ़ा।
इसके बाद श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी अमरजीत सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के रूप में ज्ञानी रघबीर सिंह के नाम की घोषणा की। ज्ञानी रघबीर सिंह ने पूरे सिख पंथ का धन्यवाद किया और कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की महान सेवा उन्हें गुरु साहिब की कृपा से मिली है। इसके बाद ज्ञानी रघबीर सिंह ने श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में माथा टेका और गुरु साहिब का शुक्रिया अदा किया।
दाढ़ी पर की गई टिप्पणी बेहद निंदनीय
कार्यभार संभालने के बाद रघबीर सिंह ने कहा कि वे सिख पंथ के सभी समूहों और संगठनों को एकजुट करने का प्रयास करेंगे। पंथ अलग-अगल मुद्दों पर बंट गया है। सभी को एक साथ लाना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा में लाया गया सिख गुरुद्वारा संशोधन बिल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधानसभा में दाढ़ी के संबंध में की गई टिप्पणी बेहद निंदनीय है। उन्होंने पंजाब सरकार पर एसजीपीसी को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए संगत को सचेत रहने को कहा।