कौन सी ड्रेन मिलने के बाद कितना बढ़ता है प्रदूषण
- ड्रेन बीओडी फीकल कॉलीफार्म (बैक्टीरिया)(एमएल में)
- मोरनी के पास 5.2 110
- कौशल्या नदी 34 130000
- एसटीपी ककराली 7.5 170
- अंबाला ड्रेन 11 140
- घेल ड्रेन समसपुर 12 130
- मारकंडा 46 170000
- डांडोता 35 110000
- चीका ड्रेन 58 230000
- सागर पारा, रसौली 39 170000
- कैथल ड्रेन, खनौरी 46 210000
- रतिया के बाद 34 96000
- जाखल के बाद 48 180000
- ऐलनाबाद के बाद 36 120000
बरती जा रही घोर लापरवाही : अरोड़ा
नदियों के पास पार्यवरण संरक्षण को लेकर काम कर रहे पंचायत विभाग से सेवानिवृत्त एसडी अरोड़ा ने बताया कि नदियों को बचाने की मुहिम को गंभीरता से लेना होगा, तभी कुछ सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं। जहां तक पानी की बात है तो फ्लो के नाम पर ड्रेनों का पानी नदियों में डालना बंद किया जाना चाहिए। इसके लिए दूसरे विकल्प तलाशने होंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड केवल नोटिस देने तक सीमित है, प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़े एक्शन लेने होंगे, साथ ही पौधरोपण को बढ़ावा देना होगा।