चंडीगढ़। रुपये लेकर प्लाट का पजेशन न देना जीबीपी प्राइवेट लिमिटेड को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-1 चंडीगढ़ ने एक शिकायतकर्ता की दो शिकायतों पर सुनवाई करते हुए गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने जीबीपी को निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता को 88 लाख 98 हजार 422 रुपये लौटाए। लौटाई जाने वाली राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देने का निर्देश दिया है। दो लाख रुपये मुआवजा और 40 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता मनप्रीत मान निवासी पिंजौर जिला पंचकूला ने सेक्टर-34 के गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों सतीश कुमार, रमन कुमार और प्रदीप कुमार के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। मनप्रीत मान ने शिकायत में कहा कि उन्होंने जीबीपी सेंट्रम 2 गांव सिंघपुरा जीरकपुर में 500 स्क्वॉयर यार्ड जगह के लिए आवेदन कर रुपये दिए थे। प्लाट का पजेशन 48 महीनों में दिया जाना था लेकिन जब शिकायतकर्ता ने साइट पर जाकर देखा तो वहां पर कार्य नहीं चल रहे थे। इसके बाद उन्होंने 16 फरवरी 2019 को ईमेल के माध्यम से दूसरे पक्ष को सूचित कर अपनी राशि लौटाने की मांग की। इसके बाद दूसरे पक्ष ने शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये लौटाया और बाकी की राशि जनवरी 2021 में अदा करना था लेकिन राशि नहीं लौटाई गई।