परिजनों को कॉल और व्हाट्सएप के जरिए घटना की जानकारी दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पीसीआर और दमकल की एक गाड़ी पहुंच गई थी। घटना की जानकारी पीएनजी की सप्लाई करने वाली कंपनी को दी गई। लगभग आठ बजे कर्मी यहां पहुंच गए और अगले 10 मिनट में सप्लाई बंद कर स्थिति पर काबू पाया गया। वहीं पुलिस ने वहां आवाजाही रोक दी थी। पूरा ऑपरेशन लगभग पौना घंटा चला। पीएनजी की सप्लाई बंद होने से आसपास के घरों में गैस न होने से लोगों को बाहर से खाना मंगवाना पड़ा।
500 किलोमीटर में फैला पीएनजी का जाल
जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ और इसके आसपास लगभग 500 किलोमीटर के दायरे में कम और सामान्य प्रेशर वाली पीएनजी सप्लाई की भूमिगत पाइपे डाली गई हैं। भूमिगत पानी की पाइपों की मरम्मत या इन्हें बदलने अथवा केबल पाइप बिछाने के दौरान पीएनजी पाइप कटने और लीक होने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
बीते 14 अक्तूबर को भी सेक्टर 37ए के एक बूथ के सामने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पीएनजी पाइपलाइन में खुदाई के दौरान लीकेज शुरू हो गई थी। पीएनजी के एक कर्मी ने बताया कि प्रत्येक एक किलोमीटर में एक वाल चैंबर है। ऐसे में लीकेज होते ही सप्लाई समय पर बंद करने से हादसा टल गया। जिस जगह यह खुदाई हुई, उसके पास ही पीएनजी पाइपलाइन का चेतावनी बोर्ड भी लगा था।
सीवरेज ब्लॉक को दूर करने के लिए जेसीबी के साथ खोदाई का काम मौके पर चल रहा था। इसी दौरान खोदाई करते वक्त यह हादसा हुआ। मामले की जांच को लेकर इंजीनियरिंग विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। - अनूप गुप्ता, मेयर, चंडीगढ़ नगर निगम।