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बिगड़ने लगी चंडीगढ़ की फिजा, गैंगस्टरों में छिड़ी वर्चस्व की जंग... दबदबे के लिए कर रहे वारदातें

Wed, 14 Oct 2020 10:23 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • चंडीगढ़ पुलिस के पास नहीं है कोई ठोस योजना
  • अपराधियों का आना जाना, रसूखदारों का संरक्षण भी
  • गैंगस्टरों व गुर्गों की बन रही सूची, जल्द दबोचे जाएंगे
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विस्तार
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क्लबों के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलने से एकबार फिर चंडीगढ़ की फिजा बिगड़ने लगी है। गैंगवार, हत्या, रंगदारी मांगने समेत अन्य आपराधिक वारदातें आम हो गई हैं। पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के गैंगस्टर शहर में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए लगातार वारदात कर रहे हैं।
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ज्यादातर वारदातें विरोधी गैंग से जुड़े होने या फिर वर्चस्व कायम करने के लिए की जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि वारदातों का मकसद रंगदारी या हफ्ता वसूली भी है।पिछले डेढ़ साल में शहर के अलग-अलग सेक्टरों में सात हत्याएं और व्हाट्सएप कॉलिंग का इस्तेमाल कर पांच रंगदारियां मांगी गई हैं।

इनमें से ज्यादातर मामलों में पुलिस के हाथ खाली हैं। प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह, बाउंसर सुरजीत और इनसो पार्टी के पूर्व प्रधान विशाल छिल्लर की गोली मारकर हत्या, शराब कारोबारियों पर गोलीबारी समेत सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या में कई गैंग शामिल हैं।
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, दविंदर बंबीहा ग्रुप, गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लक्की, बलजीत चौधरी का गैंग चंडीगढ़ में सक्रिय है। इनमें ज्यादातर गैंगस्टर व शूटर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा की जेलों में बंद हैं। इसके बावजूद इनके इशारों पर हत्या और रंगदारी मांगने के मामले सामने आते रहे हैं। 
 

स्थानीय अपराधी समेत रसूखदारों के संपर्क में गैंगस्टर

सूत्रों का कहना है कि कुछ क्लब मालिक, होटल संचालक और बाउंसरों के अलावा शहर के कुछ रसूखदार लोग पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों के गैंगस्टरों के संपर्क में रहते हैं। इससे इन गैंगस्टरों के गुर्गों को शहर में रहने और छिपने और मौज मस्ती के लिए आसानी से जगह मिल जाती है।

शहर के कुछ क्लबों में इनके नाम पहले से ही टेबल बुक होती है। इसके अलावा गुर्गों को कुछ स्थानीय अपराधियों से हथियार तक मुहैया करवाया जाता है और फिर किसी भी आपराधिक वारदात को अंजाम देकर ये आसानी से फरार हो जाते हैं। सोनू शाह हत्याकांड समेत ऐसे कई मामलों में स्थानीय अपराधियों का नाम इन गुर्गों की मदद करने में सामने आ चुका है।   

गैंगस्टरों व गुर्गों की बना रहे सूची, जल्द सलाखों में होंगे अपराधी
सभी गैंगस्टर्स व उनके गुर्गों की सूची बनाई जा रही है। आगे से इस तरह की वारदात ना हो इसे रोकने के लिए रणनीति बनाई गई है। साथ ही सोपू नेता हत्या मामले से भी जुड़े पहलुओं पर जांच की जा रही है। टीमें अलग अलग जगहों पर रवाना हो चुकी हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 
- कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी चंडीगढ़

गैंगवार में कब-कब हुईं हत्याएं

1- सितंबर 2019 को प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह को गोलियों से भूना 
2- मार्च 2020 में बाउंसर सुरजीत की हत्या 
3- दिसंबर 2019 में सेक्टर-15 में एचएसए से जुड़े दो छात्रों की हत्या  
4- मार्च 2019 में इनसो पार्टी के पूर्व प्रधान विशाल छिल्लर की गोली मारकर हत्या 
5- सितंबर 2019 में सेक्टर-17 थाने के सामने गैंगवार में एक युवक की हत्या 
6- अक्तूबर 2020 को सोपू नेता की गोली मारकर हत्या 

शहर के बड़े व्यापारियों व सिंगर से कब-कब मांगी गई रंगदारी और फिरौती
1- सितंबर 2019 में सेक्टर-26 के बुलेवार्ड क्लब के मालिक से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मांगी गई रंगदारी 
2- अप्रैल 2018 में सेक्टर-11 के कुमार ब्रदर्स के मालिक से संपत नेहरा ने मांगी 3 करोड़ की रंगदारी 
3- मार्च 2019 में पंजाबी सिंगर रेहान सिंह से गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्डा के नाम पर 20 लाख की रंगदारी मांगी गई
4- गुरदेव स्टूडियो के मालिक के बेटे का अपहरण कर पंजाब के एक गैंगस्टर ने मांगी दो करोड़ की फिरौती 
5- सितंबर 2017 में सेक्टर-35 में व्यापारी का अपहरण कर 40 लाख की फिरौती मांगी  
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डाटा तैयार कर गैंगस्टरों और उनके गुर्गों की हर गतिविधि पर रखनी होगी नजर

चंडीगढ़ के पूर्व डीएसपी जगबीर सिंह का कहना है चंडीगढ़ पुलिस को एक ऐसी टीम का गठन करना चाहिए जो सिर्फ गैंगस्टरों और उनके गुर्गों पर नजर रखे। गैंगस्टर अपना वर्चस्व कायम करने के लिए वारदात पर वारदात कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर और उनके गुर्गों का डाटा तैयार करना पड़ेगा। इसमें सभी अपराधियों की अपडेट फोटो के साथ साथ गैंग का नाम और इसके विरोधी गैंग को भी दर्ज करना होगा।

शहर के शॉपिंग मॉल, डिस्कोथेक के अलावा होटलों में इनकी लिस्ट देनी पड़ेगी। साथ ही इनके मोबाइल नंबरों को भी हमेशा सर्विलांस पर रखना होगा ताकि जब कभी कोई गैंगस्टर चंडीगढ़ में प्रवेश करे तो पुलिस को जानकारी मिल सके। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल इन मामलों में काफी माहिर हैं। उम्मीद है कि वह ऐसा कुछ फैसला जरूर लेंगे ताकि भविष्य में चंडीगढ़ जैसे खूबसूरत शहर में अपराध के ग्राफ को रोका जा सके। 
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