टारगेट किलिंग, लूट, डकैती और हत्या की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंगस्टर्स ने अब साइबर ठगी के धंधे में दस्तक दे दी है। गैंग को आर्थिक रूप से मजबूत करने और अतिरिक्त आय कमाने के लिए गैंगस्टर्स ने अपराध की यह नई राह चुनी है। गैंगस्टर्स युवकों को हायर करते हैं और गुप्त स्थानों पर बैठाकर साइबर ठगी को अंजाम दिला रहे हैं।
विदेश में बैठे गोल्डी बराड़ और जेलों में बंद लॉरेंस बिश्नोई के साथ-साथ कई अन्य गैंगस्टर्स के साइबर अपराध में शामिल होने का इनपुट खुफिया एजेंसियों को मिला है। इस इनपुट के आधार पर राज्य अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है। राज्य अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इनपुट मिलने की पुष्टि की है।
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साइबर ठगी का हर माह करोड़ों रुपये का कारोबार
हरियाणा में साइबर ठगी का हर माह करोड़ों रुपये का कारोबार है। पिछले छह माह में प्रदेश में 500 करोड़ रुपये के साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। हरियाणा में औसतन रोजाना एक हजार लोगों के साथ ठगी की घटनाएं होती हैं। लालच में आने के चलते लोग झांसे में आते हैं। हालांकि, समय पर शिकायत मिलने पर राज्य अपराध शाखा की टीमों ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को वापस भी कराया है।
इसलिए बदला अपराध का ट्रेंड
पुलिस का दावा है कि गैंगस्टर्स पर बरती जा रही सख्ती के चलते उन्होंने अपराध का ट्रेंड बदला है। लूट, डकैती और फिरौती के मामलों में एक स्थान से दूसरे स्थान पर हथियार पहुंचाना और फिर वारदात को अंजाम देना काफी जोखिम भरा है। इसलिए बदमाशों ने अब पैसे के लिए सॉफ्ट टारगेट साइबर ठगी को अपनाया है। एक तो साइबर ठगी पूरी तरह से फेस लेस है। ठगी किसने और कहां से की, इसका पता लगाना आसान नहीं है। इसमें पकड़े जाने का खतरा कम है। दूसरा, उत्तर भारत की बात करें तो गैंगस्टर्स के खिलाफ सभी राज्यों की पुलिस सख्ती बरत रही है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली में भी एसटीएफ काम कर रही है।
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साइबर ठगी के लिए मेवात बदनाम
जामताड़ा के बाद मेवात साइबर ठगी के लिए बदनाम है। यहां के गांवों के लड़के इस धंधे में संलिप्त हैं। पिछले दिनों हरियाणा पुलिस ने मेवात के 14 गांवों में छापेमारी की थी और 70 से अधिक युवकों को गिरफ्तार कर साइबर ठगी की कई वारदातों का खुलासा किया था। यहां के कम पढ़े-लिखे युवक भी इस धंधे में संलिप्त हैं और लोगों को लगातार ठगी का निशाना बना रहे हैं।
आंकड़ों में साइबर ठगी
- 6 महीने में साइबर ठगी की 52,824 शिकायतें प्राप्त हुई, जो कि पिछले साल से 5 प्रतिशत अधिक है।
- 33,425 मोबाइल नंबर ब्लॉक कराए गए हैं। वहीं, पोर्टल पर 36 हज़ार से अधिक मोबाइल नंबरों की शिकायत दर्ज।
- साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर ने अब तक 66,732 बैंक खाते फ्रीज किए हैं
साइबर ठगों पर शिकंजा कस रही क्राइम ब्रांच
राज्य अपराध शाखा के एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हरियाणा में साइबर ठगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य में 318 साइबर अपराध हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं और यहां पर 700 प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिसकर्मियों की टीम रोजाना साइबर अपराध में संलिप्त मोबाइल नंबर पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। पुलिस की टीमें अपना काम कर रही हैं, लेकिन लोगों को सतर्क रहना होगा और किसी लालच और झांसे में आने से बचें।