एसएसपी ने बताया कि गैंगस्टर झुन्ना पंडित दुर्गा माता का भक्त है। वह हिमाचल प्रदेश में माता चिंतपूर्णी के दर्शन करने के बाद दिल्ली वापस आ रहा था। पंजाब हिमाचल सरहद पर उसकी पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। यह दिल्ली, जयपुर और माउंट आबू के सुरक्षित स्थानों पर भी रहता रहा है। अब इसे किसी ने हिमाचल प्रदेश में धार्मिक स्थानों के नजदीक रहने की सलाह दी थी। इसलिए वह इस ओर आया था कि पुलिस को इसके यहां घूमने की सूचना मिल गई।
सोलह वर्ष की उम्र में किया था पहला कत्ल
करीब 24 वर्ष के झुन्ना पंडित ने 15 साल की आयु में ही आपराधिक दुनिया में पैर रखा था। 16 वर्ष की आयु में पहले कत्ल की वारदात को अंजाम दिया। वह तीन साल के लिए दो बार जुवेनाइल जेल में भी रहा है। बालिग होने के बाद झुन्ना बड़ी वारदातों को लगातार अंजाम तो देता गया और पुलिस के हत्थे पहली बार चढ़ा है। एसएसपी के अनुसार झुन्ना पंडित को यूपी, दिल्ली और राजस्थान के कई समाज विरोधी तत्वों की सरपरस्ती हासिल थी। पुलिस के अनुसार वह बसपा और भाजपा नेताओं के कत्ल में भी शामिल रहा है।
बाबतपुर से दिल्ली तक हवाई जहाज में करता था सफर
पुलिस ने बताया कि गैंगस्टर झुन्ना पंडित के तीन भाई हैं। इसके पिता ट्रांसपोर्टर हैं, जिनके तीन ट्रक स्थानीय गैस एजेंसी में चलते हैं। यूपी पुलिस ने भी झुन्ना पंडित का दिल्ली तक पीछा किया। वह चकमा देकर पंजाब की ओर आ गया। गैंगस्टर झुन्ना पंडित बाबतपुर हवाई अड्डे से दिल्ली तक जहाज से आता जाता था और छोटे मार्गों पर मोटरसाइकिल से सफर करता था। पुलिस ने झुन्ना पंडित से एक चोरी की पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की है, जिसे इसने दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर के बाहर से चोरी किया था। पुलिस अनुसार नवीं पास झुन्ना पंडित का साथी दिल्ली में पढ़ाई करता है।