चंडीगढ़। जिला अदालत ने सोमवार को गैंगस्टर गगनदीप सिंह को जमानत दे दी। गगनदीप सिंह पर शहर के व्यापारियों, क्लब और होटल मालिकों को डरा-धमका कर पैसे वसूलने, हथियार के बल पर वाहन छीनने का आरोप है। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील यादविंदर सिंह ने दलील दी कि पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में याची का नाम नहीं है। इसके अलावा याची को रात के समय ऑपरेशन सेल ने घर से गिरफ्तार किया था जिस दौरान पंजाब पुलिस का कोई मुलाजिम भी साथ नहीं था। सरकारी वकील ने इन दलीलों का विरोध किया। हालांकि अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी। इस मामले में एक अन्य आरोपी सिमरनजीत सिंह भी शामिल था। उसे भी जमानत मिल गई है।
बता दें कि सेक्टर-26 थाना पुलिस ने यह एफआईआर 16 मार्च 2022 को दर्ज की थी। इस एफआईआर में बताया गया कि शहर के बड़े गैंगस्टर जो अभी जेल में बंद हैं। उनके साथी शहर के बड़े व्यापारियों, होटल और क्लब के मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों को डरा-धमका कर पैसे मांगते हैं। यह व्हाट्सएप पर फोन कर लोगों को धमकाते हैं और फिर पैसे मांगते हैं। इन बड़े गैंगस्टरों के साथी चंडीगढ़, मोहाली, पंजाब, हरियाणा और पंचकूला में मौजूद हैं। ऑपरेशन सेल ने इस मामले में शामिल आरोपियों को शिकायत के आधार पर गिरफ्तार करना शुरू कर दिया था।
बता दें कि गैंगस्टर गगनदीप सिंह पर सकेतड़ी मंदिर के सामने दिनदहाड़े बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की हत्या और जिम ट्रेनर अखिल पर फायरिंग का भी आरोप है।