नीलिमा राठौर जीरकपुर निवासी अपनी सहेली के साथ।
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दोस्त सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि खून के रिश्ते से भी बढ़कर होता है। पूजा और नीलिमा ने दोस्ती की ऐसी ही मिसाल पेश की है। कोरोना काल में पूजा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। नीलिमा ने उसे देखने के लिए घरवालों से जिद की लेकिन परिजनों ने मना कर दिया। दोस्ती की डोर से बंधी नीलिमा परिजनों की नाराजगी के बावजूद पूजा की देखभाल के लिए उसके घर पहुंच गई। इतना ही नहीं पूरे दो महीने तक उसकी सेवा भी की।
सेक्टर- 29 निवासी नीलिमा राठौर वर्ष 2016 में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थीं। इस दौरान उनकी जीरकपुर निवासी सहपाठी प्रिया से बातें शुरू हो गई। इसके बाद उसका प्रिया के घर आना-जाना शुरू हुआ। इस दौरान प्रिया की बड़ी बहन पूजा से नीलिमा की दोस्ती हो गई।
नीलिमा ने बताया कि जनवरी 2021 को पूजा की तबीयत खराब होने के बारे में उन्हें सूचना मिली। इस दौरान उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। डॉक्टरों ने उसे अस्थमा की समस्या बताई। कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी। नीलिमा ने इस बारे में अपने पति को बताया। उन्होंने भेजने से इनकार कर दिया। पूजा की दोस्ती के आगे वह रह न सकी और जिद्द कर उसकी देखभाल के लिए चली गईं।