पंजाब विश्वविद्यालय में वर्ष 2016 में स्नातक में दाखिला लेने तेलंगाना और बिहार से दो युवक चंडीगढ़ पहुंचे। निखिल तेलंगाना के वारांगल से थे, उन्हें हिंदी नहीं आती थी और सत्यम बिहार के लखीसराय से थे, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी। दोनों की दोस्ती पंजाब विश्वविद्यालय में हुई।
दोनों ने एक-दूसरे की मदद करने की ठानी। निखिल ने सत्यम को अंग्रेजी सिखाई और सत्यम ने निखिल को हिंदी की ट्रेनिंग दी। एक-दूसरे की मदद से अब दोनों की हिंदी और अंग्रेजी में मजबूत पकड़ हो गई है। निखिल और सत्यम की कहानी चेतन भगत के उपन्यास ‘2 स्टेट्स’ से मेल खाती है। उनकी दोस्ती भी पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से शुरू होती है।
निखिल ने बताया कि उनका चंडीगढ़ में दाखिले के बाद हॉस्टल में पहला दिन था। इसी वक्त उनकी मुलाकात रमन से हुई। शाम को जब वे रमन के कमरे में गए तो सत्यम से मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई।
निखिल ने सत्यम को अंग्रेजी और सत्यम ने निखिल को हिंदी सिखाने और दक्ष करने की जिम्मेदारी ली। इससे निखिल को चंडीगढ़ में रहना, पढ़ना-लिखना आसान हुआ और निखिल की आईटी कंपनी में नौकरी लग गई। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में साथ रहते थे।