-संगरूर-पटियाला मार्ग पर गांव बिशनपुरा में हुआ हादसा
-लोगों ने चालक को पीछा कर दबोचा, पुलिस को साैंपा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुनाम ऊधम सिंह वाला। संगरूर-पटियाला मार्ग पर गांव बिशनपुरा में सोमवार दोपहर बाद करीब एक बजे एक बेकाबू कैंटर ने मनरेगा कर्मचारियों को कुचल दिया, जिससे चार मजदूरों की माैत हो गई। सभी गांव बिशनपुरा के ही रहने वाले थे। घटना के बाद कैंटर चालक माैके से फरार हो गया, जिसे लोगों ने पीछा कर दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, शाम को मुआवजे की मांग करते हुए ग्रामीणों ने मजदूरों के शव हाईवे पर रखकर धरना लगा दिया।
प्रत्यक्षदर्शी पप्पन सिंह ने बताया कि गांव बिशनपुरा में मनरेगा के चार मजदूर सुनाम-पटियाला हाईवे पर काम कर रहे थे। बाकी साथी दोपहर का खाना खा रहे थे। इसी दाैरान तेज रफ्तार से आए कैंटर चालक ने चार मजदूरों को कुचल दिया और माैके से फरार हो गया। हादसे के दाैरान वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने कैंटर चालक को पीछा कर पकड़ लिया और पुलिस को साैंप दिया। गांव बिश्नपुरा निवासी के जरनैल सिंह, हरपाल सिंह, छोटा सिंह और गुरदेव कौर की माैके पर ही माैत हो गई। माैके पर पहुंचे एसएचओ प्रतीक जिंदल ने बताया कि कैंटर को कब्जे में ले लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है।
पहले ही दिन आए थे काम पर, गांव में पसरा मातम
हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। गांववासी मृतकों के घरों में ढांढस बंधाने पहुंच रहे थे और गांव में हर तरफ चीखने-चिल्लाने और विलाप की आवाज सुनाई दे रही थी। बताया जा रहा है कि चारों पहले ही दिन काम पर आए थे।
संस्कार न करने पर पड़े लोग
चार मजदूरों की माैत पर नेताओं ने शोक जताते हुए परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग करते हुए पटियाला की मुख्य सड़ पर धरना लगा दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो संस्कार नहीं किया जाएगा। धरने में विभिन्न मनरेगा जत्थेबंदियां, सीटू, किसान संगठन आदि शामिल हुए।