चंडीगढ़। शहर के चार स्मार्ट स्कूल अगले तीन माह में बनकर तैयार हो जाएंगे। स्कूल के फर्श, कैमरे, प्रयोगशाला और फर्नीचर के लिए टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अगले माह तक टेंडर कर काम शुरू करा दिया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण स्मार्ट कक्षाओं का काम लगभग एक साल देरी से हो रहा है।
स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि शहर के चार स्कूलों की 90 कक्षाओं को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसके लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड 10 करोड़ से कुर्सी-टेबल मंगवा रहा है। पहले एक टेबल पर 2 कुर्सी के साथ दो विद्यार्थी बैठने थे, लेकिन कोरोना के कारण योजना में बदलाव किया गया है। अब एक टेबल पर एक कुर्सी लगेगी। योजना के अंतर्गत पुराने कार्यों को तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन फर्श के डिजाइन में बदलाव करके उसे नए सिरे से बनाया जाना है। इसके अलावा अब कक्षाओं के अंदर कैमरे भी लगाए जाने हैं। प्रयोगशाला को भी अपग्रेड करने की योजना है। इसके अलावा फर्नीचर में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। यह सभी कार्य अगले तीन माह में पूरे हो जाएंगे।
इन स्कूलों को किया जा रहा अपग्रेड
अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-22ए के सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल, सेक्टर-35 सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल, गवर्नमेंट हाई स्कूल और सेक्टर-43 के हाईस्कूल को अपग्रेड किया जा रहा है। इन स्कूलों की 90 कक्षाओं में 2720 छात्र और 2088 छात्राओं को लाभ मिलेगा।