चंडीगढ़। पीयू के कई विभाग शिक्षकों के पढ़ाने के बाद छात्रों से फीडबैक नहीं ले रहे हैं, जबकि नैक ने पीयू को इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कहा था। इस व्यवस्था की मॉनीटरिंग खुद पीयू को करनी चाहिए। हालांकि पीयू के अधिकारियों ने कुछ विभागों से इसको लेकर पहले जवाब मांगा था।
नैक की टीम ने छह साल पहले पीयू का दौरा किया था। टीम ने उस दौरान पाया कि यहां पढ़ाने के बाद शिक्षण कार्य का कोई फीडबैक नहीं लिया जाता। इस पर टीम ने हैरानी जताई थी। कहा था कि छात्रों से हर हाल में फीडबैक लिया जाए। इससे शिक्षण कार्य की गुणवत्ता और बढ़ती है। नैक के सुझाव के बाद भी पीयू ने इस पर काम नहीं किया। कुछ महीनों पहले फीडबैक फार्म तैयार किए गए और उन्हें ऑनलाइन किया गया। ऑनलाइन फार्म कुछ छात्रों ने भरे तो कुछ ने नहीं। विभागों ने इस पर भी गौर नहीं किया। सूत्रों का कहना है कि कई विभागों में फीडबैक फार्म नहीं भरवाए जा रहे हैं। छात्रों को इसकी पूरी जानकारी भी नहीं दी गई। अब पीयू ऐसे विभागों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।