पाकिस्तान छोड़कर परिवार के साथ भारत में शरण लेने आए इमरान खान के पूर्व विधायक बलदेव कुमार को धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इन सभी के बीच, बलदेव कुमार का कहना है कि वह किसी की धमकी से डरने वाले नहीं है। वह अपनी बातों पर चट्टान की तरह अडिग हैं।
वह भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करेंगे और यहां नागरिकता न मिलने पर बांग्लादेश या नेपाल चले जाएंगे, लेकिन पाकिस्तान वापस नहीं जाएंगे। क्योंकि अब पाक जाने का सीधा मतलब है उनकी और उनके परिवार की मौत। अभी उनके पास तीन माह का वीजा है, जिसे वह आगे बढ़ा सकते हैं।
पाकिस्तान प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान गोपाल चावला ने बलदेव को धमकी दी है। गोपाल चावला ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि जो काम बलदेव कुमार पाकिस्तान में करते थे, वो भारत में करके दिखाए। पाकिस्तान में सिखों को पूरी इज्जत मिलती है। हमारे देश को वहां बदनाम न करो और न ही कोशिश करो। वहीं, गोपाल चावला ने एक वीडियो जारी कर बलदेव कुमार के सभी आरोपों को नकार दिया है। उसने पाकिस्तान का खूब महिमा मंडन किया है।
बलदेव ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी गायक जस्सी लायलपुरिया ने उनको जान से मारने की धमकी दी है। पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बोलने पर मंगलवार देर शाम पाकिस्तानी गायक जस्सी लायलपुरिया ने व्हाट्स एप कॉल कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। लायलपुरिया ने कहा कि तू पाकिस्तान के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहा है। हिम्मत है तो पाकिस्तान वापस आकर दिखा।
अब किराये के घर में रह रहे बलदेव
बलदेव कुमार के ससुर हरमन कुमार और सास ज्योति ने बताया कि 12 अगस्त को उनका दामाद यहां पर आया है। 15 दिन वह उनके घर में रुका। इसके बाद अलग से किराये पर घर ले लिया है। उनकी बेटी का शादी 2007 में बलदेव कुमार के साथ हुई थी। उनकी बेटी ने पाकिस्तान की नागरिकता नहीं ली है, क्योंकि अगर वह वहां की नागरिक बन जाती। यहां वापस आने में बडी़ मुश्किलों का सामना करना पड़ता।
मकान मालिक ने बलदेव को घर खाली करने को कहा
मीडिया में हाईलाइट होने के बाद बलदेव कुमार की खन्ना में भी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। क्योंकि उनसे मिलने के लिए लोग वहां पहुंच रहे हैं। मकान मालिक ने साफ कह दिया है कि वह या तो घर खाली कर दे या फिर किसी से मिलना है तो घर से बाहर जाकर मिलें।
बता दें कि बलदेव पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता हैं। वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बारीकोट आरक्षित सीट से विधायक भी रह चुके हैं। बलदेव का कहना है कि ना केवल अल्पसंख्यक बल्कि वहां (पाकिस्तान) तो मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं हैं। हम पाकिस्तान में कई सारी परेशानियों के बीच रहे हैं। मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि मुझे यहां शरण दें। मैं वापस नहीं जाऊंगा।
बलदेव फिलहाल अपने परिवार के साथ पंजाब के खन्ना में हैं। बलदेव 12 अगस्त को तीन महीने के वीजा पर भारत आए थे। उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपने परिवार को पंजाब के लुधियाना में रिश्तेदारों के पास खन्ना भेजा है। वह अब पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार हो रहा है। हिंदू और सिख नेताओं की भी वहां हत्या हो रही है, यही कारण है कि वह भी जल्द ही भारत में शरण के लिए आवेदन करेंगे।
बलदेव ने 2007 में पंजाब के खन्ना की रहने वाली भावना से शादी की थी, उस समय वह पाकिस्तान में पार्षद थे और बाद में विधायक भी बने। वह फिलहाल खन्ना के समराला मार्ग टाउन स्थित दो कमरों के किराए के मकान में रह रहे हैं। उनकी पत्नी अभी भी भारतीय हैं, जबकि उनके दो बच्चे सैम (10) और रिया (11) पाकिस्तानी नागरिक हैं। उनकी बेटी रिया का थैलेसीमिया का इलाज चल रहा है।