फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: पूर्व डीएसपी राका गेरा को छह साल की सजा, अदालत ने लगाया दो लाख का जुर्माना, जानें पूरा मामला

Wed, 07 Feb 2024 05:02 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

सीबीआई ने मुल्लांपुर के रहने वाले केके मल्होत्रा की शिकायत पर राका गेरा को गिरफ्तार किया था। मामला 25 जुलाई 2011 का है। इसके बाद सीबीआई ने उनके आवास पर छापा मारा था। यहां पर सीबीआई को एके-47 के 67 कारतूस, 32 बोर की जर्मनी निर्मित रिवाल्वर, एक डबल बैरल गन मिली थी। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक लाख रुपये रिश्वत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पंजाब पुलिस की पूर्व डीएसपी राका गेरा को छह साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई ने राका गेरा के खिलाफ 2011 में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। तब से ये केस चंडीगढ़ सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहा था। करीब पांच साल तक इस केस के ट्रायल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी थी लेकिन अगस्त 2023 में रोक हटा दी गई और फिर लगातार इस केस का मुकदमा चला।

विज्ञापन


सीबीआई के सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने बहस के दौरान कहा कि जांच एजेंसी के पास राका गेरा के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। उसकी शिकायतकर्ता के साथ हुई बातचीत की ट्रांसस्क्रिप्ट और फुटेज भी है जिससे ये साबित होता है कि उसने रिश्वत मांगी थी। राका गेरा को सीबीआई चंडीगढ़ ने उसके सेक्टर-15 स्थित घर से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ मुल्लांपुर के एक बिल्डर ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। हालांकि कोर्ट में गवाही के दौरान वह अपने बयान से मुकर गया था।

यह है मामला

मोहाली के मुल्लांपुर निवासी केके मल्होत्रा की शिकायत पर सीबीआई ने 25 जुलाई 2011 को सेक्टर-15 स्थित कोठी से राका गेरा को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने उनके घर पर छापेमारी की तो भारी मात्रा में हथियार मिले थे। तलाशी के दौरान सीबीआई को एके-47 के 67 कारतूस, 32 बोर की जर्मनी निर्मित रिवाल्वर, एक डबल बैरल गन बरामद हुई थी। इसके अलावा शराब की 53 बोतलें मिली थीं। सीबीआई के मुताबिक जांच के दौरान उसके घर से 90 लाख रुपये की नकदी भी मिली थी।

राका के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी एफआईआर दर्ज हुई थी। इस केस में 2017 में राका गेरा को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ सेशंस कोर्ट में अपील फाइल दायर की थी। 2019 में जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले में राका गेरा को बरी कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें