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ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर: बाइक की जगह अब साइकिल से डिलीवरी करने को मजबूर, कहा- घर चलाना मुश्किल

Sun, 25 Jul 2021 01:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर डिलीवरी करने वालों पर पड़ा है। उनका कहना है कि पेट्रोल की कीमत बढ़ने से कमाई कम हुई है। आधे से ज्यादा राशि पेट्रोल पर ही खर्च हो जाती है। यही वजह है कि कई लोग अब साइकिल से डिलीवरी करने पर मजबूर हैं। 
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ईंधन की बढ़ती कीमतों से आम इंसान परेशान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की वजह से आम आदमी की परेशानी काफी बढ़ गई है। फूड डिलीवरी ब्वॉय की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वह मोटरसाइकिल के बजाय साइकिल पर डिलीवरी कर रहे हैं। फूड डिलीवरी कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कमाई नहीं हो पाती, जितने पैसे पेट्रोल पर खर्च हो जाते हैं। इसलिए अब साइकिल पर डिलीवरी करने का ही विकल्प बचा है। उन्होंने कहा कि रोजी रोटी का कोई साधन नहीं है, इसलिए वह साइकिल पर डिलीवरी करके ही गुजारा कर रहे हैं। 

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घर का गुजारा चलाना हुआ मुश्किल
मैं दो साल से मोटरसाइकिल पर फूड डिलीवरी का काम कर रहा हूं। पेट्रोल के दाम बढ़ने से कुछ बचत नहीं हो पा रही थी। मेरे परिवार में आठ लोग हैं। ऐसे में घर का गुजारा चलाना मुश्किल है। अब मजबूरी में घर के दूसरे सदस्यों ने भी कोई छोटा मोटा काम शुरू कर दिया है।  विजय, चंडीगढ़

पेट्रोल के खर्च से कम हो रही कमाई
रोजाना सुबह आठ बजे आ जाते हैं और शाम को सात बजे जाते हैं। इस दौरान केवल चार सौ रुपये का ही काम मिल पाता है। ऐसे में पेट्रोल का खर्चा निकाले या घर का। पहले 150 रुपये के पेट्रोल में काम चल जाता था लेकिन कीमतें बढ़ने के बाद उतना ही पेट्रोल 250 रुपये में पड़ता है। अब मजबूर होकर साइकिल चलानी पड़ रही है। प्रदीप तिवारी, चंडीगढ़
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आधे से ज्यादा कमाई पेट्रोल पर हो जाती है खर्च
मैं रोजाना लगभग पांच सौ रुपये कमाता हूं जिनमें से तीन सौ रुपये पेट्रोल पर खर्च हो जाते थे। इसके अलावा मकान का किराया, बिजली और पानी के बिल में सारी कमाई निकल जाती है। ऐसे में बचत का तो सवाल ही पैदा नहीं हो रहा। पेट्रोल ने घर के बजट को इतना प्रभावित किया है कि परिवार को भरपेट खाना भी देना मुश्किल हो रहा है। -अजय, चंडीगढ़

आधी कमाई पेट्रोल पर हो रही खर्च

मोदी जी को इस भरोसे पर वोट दिया था कि वह महंगाई को कम कर गरीबों के लिए अच्छे कार्य करेंगे। लेकिन उन्होंने जनता को इतना परेशान कर दिया कि लोगों को अपने परिवार का पेट भरना मुश्किल हो गया है। मैं फूड डिलीवरी का काम करता हूं। वेतन का आधा पैसा तो पेट्रोल में ही खर्च हो जाता है। -सतीश, फूड डिलीवरी ब्वॉय चंडीगढ़

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पेट्रोल के कारण सबकुछ हो रहा महंगा
पेट्रोल के दाम बढ़ने से परिवहन से लेकर रसोई के सामान तक सब कुछ महंगा हो गया है, लेकिन लोगों के वेतन में कोई इजाफा नहीं हुआ है। छह लोगों का परिवार है। रोटी खाने के अलावा कमाई से कुछ नहीं बच रहा। सरकार को गरीबों के बारे में सोचकर महंगाई को कम करना चाहिए। -अजय कुमार, मनीमाजरा चंडीगढ़

घर का खर्च चलाना हो रहा मुश्किल

लगातार पेट्रोल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। कोरोना के कारण पहले ही आर्थिक संकट झेल रहे हैं। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से घर का पूरा बजट हिल गया है। सरकार की नीतियां जनता को धीरे-धीरे बर्बाद कर रही हैं। नोटबंदी से लेकर अब तक लोग परेशान ही हो रहे हैं। -अविनाश सिनोरिया, सेक्टर-27

अब से पहले कभी नहीं बढ़े इतने दाम

पेट्रोल के दाम जितने मोदी सरकार में बढ़े हैं, इससे पहले कभी नहीं बढ़े। सरकार ने गाड़ी से मोटरसाइकिल पर आने के लिए मजबूर कर दिया है। सरकार ने सत्ता में आने से पहले महंगाई को दूर करने के बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आज छोटे मजदूर से लेकर हर व्यापारी परेशान है। -विवेक पोंडल, चंडीगढ़

बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे बचाना मुश्किल

मैं प्राइवेट नौकरी करता हूं। पेट्रोल पर ही इतना खर्च हो जाता है कि घर और बच्चों की पढ़ाई के के लिए पैसे बचाने मुश्किल हो रहे हैं। पेट्रोल कीमत बढ़ने के कारण बहुत परेशानी हो रही है यदि हालात नहीं सुधरे तो कुछ दिन बाद नौकरी के लिए साइकिल पर ही जाना पड़ेगा। कम से कम परिवार के लिए कुछ पैसों की बचत तो हो पाएगी। -सुखविंदर, चंडीगढ़
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