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अटारी सेक्टरः पाकिस्तानी रेडियो का दुष्प्रचार रोकने के लिए स्थापित एफएम रेडियो की गूंज पड़ी धीमी

Mon, 21 Sep 2020 11:15 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, घरिंडा(अटारी सेक्टर)

सार

  • रेंज कम होने के कारण प्रसारण से वंचित हो रहे सीमावर्ती लोग
  • अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगाया गया था 300 मीटर ऊंचा टावर
  • तकनीकी खराबी के बाद 100 मीटर ऊंचे टावर से किया प्रसारण
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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पाकिस्तान रेडियो द्वारा भारत विरोधी किए जा रहे दुष्प्रचार का जवाब देने व सीमावर्ती लोगों को सही जानकारियां देने के लिए भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से दस किलोमीटर दूरी स्थित गावं घरिंडा में दो वर्ष पहले करोड़ों रुपये खर्च कर शुरू किए गए एफएम रेडियो की गूंज अब मध्यम पड़ गई है। इसकी रेंज कम होने के कारण एफएम रेडियो के प्रसारण सीमावर्ती लोगों तक कम आवाज में पहुंच रहे हैं।
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इस कारण पाकिस्तान के साथ स्थित भारतीय सीमा के सैकड़ों गांवों के लोग पाकिस्तानी रेडियो का दुष्प्रचार सुनने को मजबूर हैं। यह एफएम अमृतसर, गुरदासपुर व तरनतारन के सीमावर्ती गांवों के लोगों के लिए स्थापित किया गया था।  जब डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब सीमावर्ती गांवों के लोगों के लिए घरिंडा में एक एफएम रेडियो की स्थापना की मंजूरी दी गई थी।

इसके घरिंडा गांव में भूमि खरीद कर उसमें एक 300 मीटर ऊंचे टावर की स्थापना की गई थी। यह टावर 2013 में बन कर तैयार हो गया था। टावर निर्माण के दौरान उसमें तकनीकी खराबी आ गई और सबसे ऊपरी हिस्सा झुक गया। इस कारण सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इस टावर को शुरू करने से इंकार कर दिया।
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300 मीटर ऊंचे इस टावर की रेंज 60 मील या 100 किलोमीटर थी। यहां से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम पाकिस्तान के कई शहरों में सुने जा सकते थे।
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छोटा टावर लगाया, जिसकी रेंज सिर्फ 50 किमी

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इस टावर के स्थान पर 100 मीटर ऊंचा एक नया टावर स्थापित का दिया। जिसकी रेंज 30 मील या 50 किलोमीटर ही है। अब रेंज कम होने के कारण एफएम रेडियो के प्रसारण सीमावर्ती लोगों तक कम आवाज में पहुंच रहे है। पाकिस्तान के लाहौर में स्थिति एफएम रेडियो भारतीय सीमा के साथ सटे कई इलाकों में साफ सुनाई देता है। इस कारण लोग पाकिस्तानी रेडियो का दुष्प्रचार सुनने को मजबूर हैं।

पाकिस्तान का एफएम ढाई करोड़ लोगों तक पहुंच रहा है, जबकि घरिंडा का एफएम रेडियो मात्र 60 लोगों तक अपने प्रसारण पहुंचा रहा है। अगर एफएम रेडियो 300 मीटर ऊंचे टावर से प्रसारण रिले करता तो यह लाहौर, गुजरांवाला व सियालकोट तक सुना जा सकता था। पाकिस्तानी रेडियो के दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए इस एफएम रेडियो से ‘देश पंजाब’ कार्यक्रम प्रसारित किया जाना था। जो अब भी जालंधर रेडियो स्टेशन से रिले किया जाता है।

सांसद मलिक से किया आग्रह, टावर की रेंज बढ़ाई जाए
इस रेडियो स्टेशन की स्थापना के लिए संग्रह करने वाले डीएवी कॉलेज के प्रोफेसर संदीप शर्मा ने कहा कि केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय को जल्द 300 मीटर ऊंचे टावर से प्रसारण शुरू करना चाहिए, ताकि पाकिस्तान के दुष्प्रचार का जवाब दिया जा सके। इस संदर्भ में उन्होंने राज्य सभा सांसद श्वेत मलिक से बातचीत की है। उन्हें इस एफएम रेडियो के रेंज बढ़ाने के लिए आग्रह किया है। उन्होंने विश्वास दिया है कि वह इस संदर्भ में सूचना प्रसारण मंत्रालय के मंत्री व अधिकारियों से बातचीत करेंगे। इस स्टेशन से विविध भारती कार्यक्रम शुरू करने व एक स्टूडियो स्थापित करने की भी मांग सांसद के समक्ष रखी है।
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