कई जिलों में पीडीएस आपूर्ति में भी आ रही दिक्कत
एफसीआई के पास गेहूं का कम भंडार होने के चलते प्रदेश के कई जिलों में पीडीएस की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। मजबूरी में दूसरे जिलों से आपूर्ति दी जा रही है। फरीदाबाद, पलवल, भिवानी, हिसार और पंचकूला समेत अन्य जिलों में पीडीएस का भंडार भी कम है।
हरियाणा में 15.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं का ही भंडार
इस समय हरियाणा एफसीआई के भंडार की बात करें तो मात्र 15.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं गोदामों में रखा है। यह पिछले साल की तुलना में काफी कम है। एफसीआई अधिकारियों का कहना है कि एक तो पिछली बार लक्ष्य के मुकाबला 50 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो पाई थी। हरियाणा से लक्ष्य 80 लाख मीट्रिक टन का था लेकिन 40 लाख एमटी ही गेहूं खरीद हो सका था। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मुफ्त राशन योजना के लिए भी प्रदेश से स्टॉक बाहर भेजा गया है। इसलिए इस बार अतिरिक्त स्टाक नहीं है। अधिकारियों का दावा है कि इस स्टाक से अप्रैल तक का काम चल जाएगा और किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। अगर केंद्र से स्कीम आई तो 1 लाख मीट्रिक टन गेहूं ओपन बोली में भी बेचा जाएगा। वहीं, अप्रैल माह में गेहूं की नई फसल आने के बाद ही गेहूं की कमी पूरी हो पाएगी।
हर साल जुलाई माह से एफसीआई गेहूं की बोली करता है लेकिन इस बार अभी तक स्कीम नहीं आई है। पिछले तीन माह से आटा मिलों को गेहूं आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस फेर में 17 छोटी-बड़ी मिलें बंद हो चुकी हैं, जबकि अन्य को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन इस संबंध में केंद्रीय खाद्य सचिव से भी मुलाकात कर चुकी है लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकाला गया है। - उमेश शर्मा, राज्य प्रधान, फ्लोर मिल एसोसिएशन हरियाणा।