आटा, दाल और रिफाइंड की कीमतों में इजाफा हो गया है। यह नोटबंदी का प्रभाव नहीं है, बल्कि इसकी पीछे कोई और वजह बताई जा रही है। करियाना व्यापारियों का कहना है कि यह नोटबंदी का प्रभाव नहीं है। हर कंपनी के रिफाइंड पिठले 10 दिन में 10 से 15 रुपये लीटर का इजाफा हो गया है।
आटा पिछले माह की तुलना में छह से सात रुपये किलो महंगा हो गया है। एक माह तक आटे की 10 किलो थैली का रेट 200 रुपये था जो कि अब अब बढ़कर 270 हो गया है। इस समय दाल चना का रेट भी काफी बढ़ा हुआ है।
दाल चना बाजार में 140 रुपये किलो रेट तक पहुंच गई है। सेक्टर-23 के सीएम स्टोर के संचालक एवं मार्केट के अध्यक्ष नरेश महाजन का कहना है कि फोरच्यून कंपनी का रिफाइंड 75 से बढ़कर 90 रुपये लीटर हो गया है।
गिन्नी कंपनी का रिफाइंड 60 से बढ़कर 75 और गगन कंपनी का रिफाइंड 65 से बढ़कर 75 रुपये लीटर हो गया है। महाजन का कहना है कि जब होलसेल व्यापारी से रेट बढ़ने का कारण पूछा जा रहा है तो कहा जाता है कि पीछे से माल की शार्टेज है।