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मोहाली में पांच की मौत: जहरीली गैस ने डेराबस्सी के मीट प्लांट में चार और लालड़ू में ली एक व्यक्ति की जान

Sat, 22 Apr 2023 01:30 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, डेराबस्सी/लालड़ू (पंजाब)

सार

लालड़ू में शनिवार सुबह एक घर में सीवर टैंक की सफाई करने एक आदमी टैंक में उतरा था। इस दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से वह बेसुध होकर गिर गया। उसे बचाने उसका दूसरा साथी नीचे उतरा तो वह भी बेसुध होकर गिर पड़ा। इन दोनों को ग्रामीणों ने बाहर निकाल कर सरकारी अस्पताल लालड़ू पहुंचाया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पंजाब के मोहाली जिले के गांव बेहड़ा स्थित फेडरल एग्रो इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के मीट प्लांट में शुक्रवार को चर्बी के टैंक की सफाई करने उतरे चार कर्मचारियों की जहरीली गैस से मौत हो गई। मृतकों में तीन एक ठेकेदार के पास काम करते थे, जबकि एक व्यक्ति गांव बेहड़ा निवासी स्थायी तौर पर कंपनी में पिछले आठ साल से बतौर प्लंबर कार्यरत रहा था। उनकी मौत से भड़के गांववासियों ने फैक्टरी प्रबंधकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। वहीं लालड़ू के गांव जौला कलां में सीवरेज की सफाई करते समय जहरीली गैस से एक नौजवान की मौत हो गई, जबकि दूसरे की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

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डेराबस्सी पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में रखवा मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान गांव बेहड़ा निवासी मानक सिंह (25), नेपाल निवासी जनक थापा (35), बिहार निवासी गिरधर पांडेय (25) और बिहार निवासी कुरबान (35) के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक मीट प्लांट में चमड़े को एक स्टोर में सुरक्षित रखने के लिए उन पर नमक का लेप कर रोजाना पानी का छिड़काव किया जाता है। इस नमक वाले पानी को स्टोर में बनी टंकी में जमा कर दिया जाता है जिसे नियमित रूप से पानी बाहर निकल जाता है, जबकि नमक को एक सप्ताह बाद साफ किया जाता है।

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टैंक में जमा इसी नमक को साफ करने शुक्रवार शाम चार बजे ठेकेदार का एक कर्मचारी टैंक में उतरा लेकिन वह बाहर नहीं आया। उसे बचाने उतरे जब दो कर्मी भी बाहर नहीं आ सके तो फैक्टरी में भगदड़ मच गई। फैक्टरी में पिछले आठ साल से स्थायी तौर पर बतौर प्लंबर तैनात मानक सिंह भी गया लेकिन वह भी बेसुध होकर गिर पड़ा। इसके बाद बड़ी मुश्किल से चारों को बाहर निकाल कर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। 

जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस बात की सूचना लगने पर जहां फैक्टरी के अंदर कार्य कर रहे कर्मियों ने अपना कार्य बंद कर दिया, वहीं गांव बेहड़ा निवासी नौजवान मानक की मौत के बाद ग्रामीण भड़क उठे। वे फैक्टरी के बाहर एकत्रित हो गए और जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीण फैक्टरी में अंदर जाने की जिद करते रहे। उनका आरोप था कि यह हादसा नहीं बल्कि फैक्टरी प्रबंधकों ने मानक की हत्या की है। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को संभाला और गांव के पांच लोगों की टीम बनाकर अंदर ले जाकर घटनास्थल का मुआयना करवाया।

नहीं थे सुरक्षा के प्रबंध
भड़के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधकों ने सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए थे। इसी कारण यह हादसा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्लंबर को टैंक में उतरने की कोई जरूरत नहीं थी लेकिन कंपनी प्रबंधकों ने जानबूझ कर उसे भेजकर जान ली है। उन्होंने कहा कि जब तीन ठेकेदार के कर्मी नहीं आए थे तो उसे भेजने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार कंपनी के मालिक, जीएम व अन्य उच्च अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज करने की मांग की। मृतक मानक अपने पीछे विधवा पत्नी व एक डेढ़ साल की बेटी छोड़ गया है।

शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके बाद बनती कार्रवाई की जाएगी। गांव बेहड़ा के मृतक के अलावा अन्य तीनों मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी थी। उनके पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। - जसकंवल सिंह सेखों, थाना प्रभारी डेराबस्सी।

मामले की जांच चल रही है। मृतक के परिवारों के बयान ले लिए हैं। घटनास्थल का जायजा लेकर सुरक्षा प्रबंधों की जांच कर रहे हैं कि वे पूरे हैं या नहीं। यह भी चेक किया जा रहा है कि टैंक में ऑक्सीजन का लेवल चेक करना किसकी जिम्मेदारी थी और इसमें लापरवाही क्यों बरती गई। जो भी मामले में दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  - डॉ. दर्पण आहलूवालिया, एएसपी।

सीवरेज ने ली एक जान, दूसरा गंभीर
उधर, गांव जौला कला में 10 साल पहले डाले गए सीवरेज की सफाई करते वक्त जहरीली गैस से एक नौजवान की मौत हो गई, जबकि दूसरे की स्थिति गंभीर है। उसका जीएमसीएच सेक्टर-32 में इलाज चल रहा है। गांव जोला कला के रवि कुमार (26) और गुरप्रीत सिंह (30) सुबह करीब दस बजे गांव के सीवरेज की सफाई करने में लगे थे। वे पहले बाल्टियों से सीवरेज से गंदगी खींचकर निकाल रहे थे लेकिन सीवरेज गहरा होने के कारण रवि कुमार सीवरेज में उतर गया। 
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इसके बाद बाहर खड़े गुरप्रीत ने देखा कि रवि कुमार नीचे गिर गया है। इस पर वह शोर मचाते हुए उसे निकालने खुद नीचे उतर गया। जैसे ही शोर सुनकर लोग वहां पर पहुंचे तो गुरप्रीत और रवि कुमार सीवरेज में औंधे मुंह गिरे थे। लोगों ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने दोनों को अचेत अवस्था में एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल लालड़ू पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने रवि कुमार को मृत घोषित कर दिया जबकि गुरप्रीत सिंह की हालत नाजुक देखते हुए सरकारी अस्पताल डेराबस्सी रेफर कर दिया। जहां से उसे जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया।
 
जौला कलां हादसे में गुरप्रीत सिंह की हालत ठीक बताई जा रही है। मृतक रवि कुमार का पोस्टमार्टम शनिवार को किया जाएगा। मामले में बयान के आधार पर ही बनती कार्रवाई की जाएगी। - इंस्पेक्टर शिवदीप सिंह बराड़, थाना हंडेसरा।
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